चंडीगढ़। शहर में पिछले वर्षों के मुकाबले पुलिस अपराधियों को तेजी से गिरफ्तार कर रही है। शहर में अपराधियों को पकड़ने में सड़कों पर लगे स्मार्ट कैमरे भी अहम योगदान दे रहे हैं। यह जानकारी एसएसपी कंवरदीप कौर ने शनिवार को वर्ष 2023 में अपराध और उसकी रोकथाम को लेकर किए गए प्रयासों का लेखा-जोखा देते हुए पत्रकार वार्ता में दी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष कुल 338 भगोड़े काबू किए गए जो संख्या पिछले वर्ष के मुकाबले दोगुने से भी ज्यादा हैं। इनमें 100 से ज्यादा संगीन वारदातों में फरार थे। वहीं, पीसीसीसी के माध्यम से 410 मामले स्मार्ट कैमरों के जरिए सुलझाए गए हैं। इनमें सड़क हादसों से जुड़े मामले, झपटमारी और अन्य प्रकार के अपराध शामिल हैं। वहीं इमीग्रेशन धोखाधड़ी के मामलों में कुल 78 एफआईआर दर्ज कर बिना एनओसी के चलाई जा रही फर्मों पर कार्रवाई की गई और लोगों की फंसी रकम दिलवाई गई।
नौ स्पा सेंटर करवाए बंद
एसएसपी ने बताया कि नौ स्पा सेंटर बंद करने के साथ देह व्यापार के धंधों को भी बंद करवाया गया। कई लड़कियों को बचाया गया। वहीं, पुलिस ने इस वर्ष शहर में कुल 11 गैंगस्टर को गिरफ्तार किया। उनसे कई हथियार भी बरामद किए गए थे। एसएसपी ने बताया कि एनडीपीएस के कुल 157 मामलों में इस वर्ष 187 अपराधी गिरफ्तार किए गए। अवैध शराब के साथ कई आरोपी पकड़े गए और 233 मामले दर्ज किए गए। कुल 127 सटोरिए भी पुलिस ने इस वर्ष गिरफ्तार किए।
झपटमारी के 88 प्रतिशत मामले सुलझाए
झपटमारी के 88 प्रतिशत मामले पुलिस ने सुलझाए। 148 झपटमारी के मामले इस वर्ष आ चुके हैं। सेंधमारी के 39 मामले सामने आए। जिनमें से कई को पुलिस ने सुलझाते हुए 83 लाख रुपये की बरामदगी की। वहीं, चोरी के 140 मामले सामने आए और 80 लाख रुपये बरामद किए गए।
मात्र 24 घंटे में हो रही पासपोर्ट वेरिफिकेशन
उन्होंने बताया कि पासपोर्ट वैरिफिकेशन मात्र 24 घंटे में पूरी हो रही है। पासपोर्ट समेत अन्य प्रकार के सत्यापनों के लिए एक समर्पित टीम लगाई गई है। लगभग 30 हजार शहरवासियों को इन सेवाओं के प्रति जागरूक भी किया गया है। इस नई सुविधा के बाद से अभी तक 40 हजार से ज्यादा पासपोर्ट सत्यापन और 20 हजार से ज्यादा अन्य प्रकार के सत्यापन किए जा चुके हैं। शहर में हाल ही में नई पीसीआर लांच की गई हैं और पीसीआर का रिस्पांस टाइम चार मिनट से भी कम हो चुका है। वहीं फोरेंसिक जांच को बेहतर करने के लिए 13 नए विशेषज्ञ भर्ती किए गए हैं।
207 कान्वैक्स मिरर लगाए
एसएसपी कंवरदीप कौर ने बताया कि शहर में सड़क हादसों पर काबू पाने के लिए 11 प्वाइंट पर टेबल टॉप बनाए गए हैं। वहीं, सेक्टरों के भीतर सड़कों पर नेबरहुड ट्रैफिक सर्कल बनाए गए हैं। साइकिल ट्रैक बेहतर किए जा रहे हैं। स्पीड डिटेक्शन रडार, 207 कान्वैक्स मिरर लगाए गए हैं। साइकिल और रिक्शा-रेहड़ी वालों को हादसों से बचाने के लिए 31 हजार रिफ्लेक्टिव टेप वितरित की गई। पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष सड़क हादसे और मौतें भी घटी हैं। पिछले वर्ष 83 लोगों की जान गई थी और इस वर्ष 66 लोग हादसों के शिकार हुए। वहीं, पिछले वर्ष 203 और इस वर्ष 169 घायल हुए।