मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने नौवें पातशाह जी के प्रकाश दिवस को धूमधाम से मनाने के लिए पुख्ता प्रबंध किए थे, जिनके अंतर्गत गुरु का महल (अमृतसर) से श्री आनन्दपुर साहिब तक नगर कीर्तन सजाना, श्री आनन्दपुर साहिब में श्री अखंड पाठ और कीर्तन दरबार करवाने के अलावा गुरु साहिब जी के जीवन और शिक्षाओं को मूर्तिमान करने के लिए प्रदर्शनियां, हस्तशिल्प पर एक प्रदर्शनी, पंजाबी साहित्य महोत्सव, नाटक (हिंद दी चादर), खेल समारोह, मल्टी मीडिया लाइट एंड साउंड शो और एक सूफी संगीत समारोह करवाया जाना था। कोविड की दूसरी और घातक लहर ने इन योजनाओं को बदलने के लिए मजबूर कर दिया और यह समारोह अब वर्चुअल तौर पर करवाए जा रहे हैं। साल भर चलने वाले समारोहों के दौरान जब भी स्थिति में सुधार होगा तो इस ऐतिहासिक दिवस को मनाने के लिए विशाल समारोह करवाया जाएगा।
डिजिटल माध्यमों से प्रसारित हुआ कीर्तन दरबार
शनिवार को इस अवसर पर एक दिवसीय कीर्तन दरबार सजाया गया, जिसमें भाई गुरमीत सिंह शांत, भाई मनजीत सिंह शांत, डॉ. निवेदिता उप्पल, भाई गगनदीप सिंह गंगानगर वाले, भाई सुखजिंदर सिंह, भाई अरविंदर सिंह नूर, भाई तार बलबीर सिंह और भाई बलवंत सिंह नामधारी समेत कई प्रमुख रागी सिंहों ने कीर्तन किया, जो विभिन्न टीवी चैनलों और डिजिटल प्लेटफार्मों द्वारा प्रसारित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कॉफी टेबल बुक ‘प्रगट भए गुर तेग बहादुर’ और सूचना एवं लोक संपर्क विभाग पंजाब द्वारा प्रकाशित करवाई एक यादगारी किताब जारी की। इस यादगारी किताब में श्री गुरु तेग बहादुर जी के जीवन और दर्शन से संबंधित घटनाओं को दिखाया गया है।