पटियाला चौक स्थित एक पैसे निवेश करने वाली कंपनी के संचालकों पर निवेशकों ने 400 करोड़ रुपये ठगने का आरोप लगाया है। बुधवार को 50 लोग एसएसपी अश्वनी शैणवी से मिलने के लिए पहुंचे, मगर वे नहीं मिले। इस पर लोगों ने शिकायत कार्यालय में ही दे दी। निवेशकों का आरोप है कि कंपनी ने देशभर के 25 हजार लोगों को अपना शिकार बनाया है।
एसएसपी कार्यालय पहुंचे लोगों ने कहा कि सितंबर 2018 में कंपनी बनाई गई थी। कंपनी के संचालकों ने मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर कंपनी में निवेश करवा लिया, लेकिन दो महीने से कंपनी ठीक से न तो इनसेंटिव दे रही है और नहीं कर्मचारी ठीक से बात कर रहे हैं। कुछ लोगों को कंपनी की एक महिला कर्मचारी ने यहां तक कहा दिया है कि कंपनी के पास पैसे नहीं हैं, जिससे जो बनता है कर लो। इसके बाद लोगों ने एसएसपी को शिकायत दी है।
सेमिनार और पार्टियां कर फंसाए जाते थे लोग
शिकायत करने पहुंचे लोगों ने कहा कि कंपनी के अधिकारी बड़े-बड़े शहरों में सेमिनार कर कंपनी की योजना बताते थे। यहां से लोग उनके साथ जुड़ते चले गए। उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के कटवांस गांव निवासी मान सिंह के अनुसार उन्होंने दिल्ली, कसोली व जीरकपुर में कंपनी के सेमिनार अटेंड किए हैं। इसके बाद ही वह कंपनी से जुड़ा। इससे उसे मोटा नुकसान हुआ है। दिन के समय कंपनी के अधिकारी दो-दो घंटे के दो सत्र में लोगों को कम निवेश में मोटी कमाई के सब्जबाग दिखाते और रात को जमकर पार्टियां होती थीं। इससे वह भी इस जाल में फंस गया। कंपनी ने हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, उत्तर प्रदेश सहित देश के कई अन्य राज्यों के लोगों से भी निवेश करवाया है। लोगों ने कहा कि कंपनी के लोग 25 हजार लोगों के कंपनी से जुड़ने का दावा करते हैं।
पांच अप्रैल को बंद हो गया कार्यालय
शिकायत देने पहुंचे लोगों ने बताया कि उनको फरवरी में ही पैसा आना बंद हो गया था। इसके बाद कंपनी के अधिकारी जल्द ही पैसा दे दिया जाएगा। छह मार्च को आने वाली किस्त भी जब नहीं आई तो लोगों को शक हुआ। इस पर कंपनी ने 20 मार्च का समय दिया। 20 मार्च को भी पैसे नहीं आए तो छह अप्रैल का समय दिया गया, लेकिन पांच अप्रैल को पटियाला चौक स्थित ऑफिस को बंद कर दिया गया।
65 हजार के निवेश में बना देते थे मालामाल
कंपनी में निवेश कर कंगाल होने वाले लोगों ने बताया कि अधिकतर सैनिकों या पूर्व सैनिकों को शिकार बनाया गया है। कंपनी के प्लान के अनुसार 65 हजार रुपये का निवेश किया जाता था। इसे एक बाइक निवेश कहते हैं। एक व्यक्ति कितना ही निवेश कर सकता है। एक बाइक निवेश करने पर टीडीएस काट कर उसे प्रति माह दस हजार 530 रुपये लौटाने का आश्वासन दिया जाता था। इससे एक लाख 26 हजार 360 रुपये मिलने थे। वहीं कुछ लोगों ने एक से अधिक बाइक का भी निवेश किया है।
और लोग जोड़ने पर मोटे इनसेंटिव का लालच
कंपनी अपने निवेशकों को अन्य लोगों को जोडने के नाम पर भी मोटा लालच देती थी। इन लोगों ने बताया कि कंपनी से जुड़ने के बाद यदि कोई अपने नीचे सात दिन के अंदर दूसरे लोगों को ज्वाइन करवाता है तो 24 महीने तक प्रति माह पांच हजार रुपये इनसेंटिव दिया जाने का आश्वासन दिया जाता था। यदि कोई सात दिन के बाद दूसरे लोगों को जोड़ता है तो उसे 12 महीने तक इनसेंटिव दिया जाने का आश्वासन दिया गया।
एक लाख 95 हजार रुपये लगाए
मैं साधारण परिवार से आता हूं। मैंने दोस्तों से कंपनी के बारे में सुना तो एक लाख 95 हजार रुपये निवेश कर दिया। मुझे अब तक कंपनी से एक लाख 75 हजार रुपये ही वापस आए हैं। अब कंपनी बंद हो गई है। -राहुल गौतम, दिल्ली।
डूब गए दो लाख 60 हजार रुपये
मैंने कंपनी में कुछ महीने पहले ही दो लाख 60 हजार रुपये निवेश किया था। मुझे अभी तक एक भी पैसा वापस नहीं मिला है। अब कंपनी बंद हो गई तो बहुत परेशान हूं। -सुनील शेखावत, राजस्थान।