पंजाब के बठिंडा में स्वाइन फ्लू पीड़ित संदिग्ध महिला की मंगलवार को मौत हो गई। बीते दस दिनों में स्वाइन फ्लू से लगातार चार मौतें हो जाने से शहर निवासियों में डर का माहौल बना हुआ है।
एक ओर जहां बठिंडा में लोग सेहत विभाग पर उंगलियां उठा रहे हैं। वहीं सेहत विभाग के अधिकारी पुख्ता प्रबंध होने का दावा कर रहे हैं। स्वाइन फ्लू से संदिग्ध बठिंडा निवासी महिला की मौत लुधियाना जाते समय हो गई।
शहर के पोस्ट आफिस बाजार की रहने वाली महिला मधु गर्ग को 14 फरवरी सांस में तकलीफ और खांसी के लक्षणों के चलते बठिंडा के एक प्राइवेट अस्पताल में दाखिल करवाया गया। वहां से सोमवार को हालत खराब होने व स्वाइन फ्लू की आशंका के चलते उसे सिविल अस्पताल रेफर किया गया।
मृतका के बेटे योगेश गर्ग ने आरोप लगाया कि सिविल अस्पताल में करीब डेढ़ घंटे बाद स्वाइन फ्लू की पुष्टि के लिए टेस्ट लिया गया। वहीं मौके पर स्वाइन फ्लू की दवा देने के लिए नियुक्त की गई स्टाफ नर्स दवा स्टॉक की चाबी अपने साथ ही ले गई थी।
इसके चलते दवा और वेंटिलेटर सुविधा समय पर न मिलने से उसकी माता की तकलीफ बढ़ गई। लुधियाना ले जाते समय पीड़ित महिला ने दम तोड़ दिया।
इससे पहले गांव महराज के प्रगट सिंह, गांव जोधपुर रोमाणा की महिला कला देवी और बठिंडा के गणपति इंनकलेव कॉलोनी के रहने वाले चंद्रमोहन की स्वाइन फ्लू होने से मौत हो चुकी है। वहीं सेहत विभाग के अधिकारी डॉ. एचएस हेयर का कहना है कि उनके स्टाफ ने मरीज को दवा दी थी।
कोताही करने वाले अधिकारियों पर होगी कार्रवाई: ज्याणी
सेहत मंत्री सुरजीत कुमार ज्याणी का कहना है कि मामला उनके ध्यान में आ चुका है। वह कोताही करने वाले सेहत विभाग अधिकारियों खिलाफ कार्रवाई करेंगे। इसके अलावा वेंटिलेटर के खराब होने संबंधी बठिंडा सिविल अस्पताल के अधिकारियों से रिपोर्ट मांगेंगे।