चंडीगढ़ में स्मार्ट घड़ी न पहनने वालों को मई से वेतन न देने के सदन के आदेश का असर नगर निगम के कर्मचारियों पर तेजी से दिखा है। मात्र 7 दिन में साढ़े तीन हजार कर्मचारियों ने घड़ी पहनना शुरू कर दिया है, वहीं केवल एमओएच के 1783 कर्मचारी ऑनलाइन दिखने लगे हैं। अब मात्र 500 कर्मचारी ही ऑफलाइन दिख रहे हैं। ज्ञात हो कि सदन के फैसले के बाद घड़ी न पहनने के मुद्दे को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था।
सदन में सफाई कर्मचारियों को स्मार्ट घड़ी न पहनने का प्रस्ताव लाया गया था। इस पर आयुक्त केके यादव ने कहा कि व्यवस्था दुरुस्त करना है तो यह घड़ी पहनाना जरूरी है। एक मई से घड़ी पहनने की अनिवार्यता के बाद भी तीन दिन में केवल 2859 कर्मचारी ही ऑनलाइन दिखे थे। वहीं 1120 ऑफलाइन दिख रहे थे।
एमओएच में 1479 कर्मचारी ऑनलाइन दिख रहे थे। वहीं 712 ऑफलाइन थे, जो पहले 1002 थे। इसके बाद अमर उजाला ने 5 मई के अंक में ‘वेतन न मिलने का डर.. तीन दिन में 127 कर्मचारी दिखे ऑनलाइन’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद 7 मई को 3470 कर्मचारी फील्ड में ऑनलाइन दिखे। वहीं एमओएच के 1783 कर्मचारी ऑनलाइन दिख रहे थे। 530 स्मार्ट घड़ियों में से कुछ खराब हैं और कुछ कर्मचारी छुट्टी पर हैं। औसत निकालने पर यह अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
सबसे ज्यादा घड़ियां एमओएच के 2203 कर्मचारियों के पास हैं। निगम ने कंपनी से कुल 4 हजार घड़ियां किराए पर ली हैं, जिसका हर माह 18 लाख रुपये किराया जाता है। तीन साल के इस अनुबंध के खिलाफ सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी थी। उसके बाद से सफाई कर्मचारियों को मैनुअल ही वेतन दिया जा रहा था।
सदन के निर्णय के बाद कुछ लोगों ने घड़ी पहनी थी, लेकिन अब ज्यादातर कर्मचारियों ने घड़ी पहनना शुरू कर दिया है जिससे कार्य क्षमता में भी वृद्धि होगी। -केके यादव, निगम आयुक्त