हरियाणा सरकार ने रोडवेज कर्मचारियों पर कार्रवाई तेज कर दी है। गुरुवार को कैथल, करनाल समेत अनेक जिलों में लगभग साढ़े तीन सौ कर्मचारी गिरफ्तार किए गए। सबसे अधिक दो सौ कर्मचारी कैथल व पचास से अधिक करनाल में गिरफ्तार हुए हैं। चंडीगढ़ डिपो के रोडवेज कर्मचारी नेता बलवान सिंह दोदवा को गिरफ्तार करने के लिए भी पुलिस ने दबिश दी, लेकिन वह बच निकले।
हड़ताल का प्रभाव कम करने और रोडवेज कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई को लेकर दोपहर बाद से देर रात तक एसीएस परिवहन धनपत सिंह के कार्यालय में बैठकों का दौर जारी रहा। परिवहन आयुक्त पंकज अग्रवाल, अतिरिक्त परिवहन निदेशक वीरेंद्र दहिया डटे रहे। रोडवेज कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई के विरोध में सरकारी और कच्चे कर्मचारी भी लामबंद हो गए हैं।
सर्व कर्मचारी संघ से जुड़े संगठनों के अलावा हसला, बहुद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन और शिक्षक संगठनों ने भी समर्थन में आंदोलन का एलान कर दिया है। अगर सभी कर्मचारी सोमवार से हड़ताल पर उतर आए तो सरकार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। चूंकि, इससे सरकारी विभागों का कामकाज ठप होने के आसार बन जाएंगे।
हसला प्रदेश अध्यक्ष दयानंद दलाल ने कहा कि रोडवेज कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के बजाए सरकार किलोमीटर स्कीम को वापस ले। रोडवेज बेड़े में बसें शामिल की जाएं। हसला रोडवेज कर्मचारियों द्वारा की गई हड़ताल का समर्थन करती है। हसला प्रदेश संरक्षक बीर सिंह राणा ने कहा कि रोडवेज कर्मचारियों की लड़ाई सरकार के खिलाफ नहीं, बल्कि निजीकरण के खिलाफ है।
बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन हरियाणा ने रोडवेज कर्मचारियों की जायज मांगों का समर्थन करते हुए सरकार से वार्ता का आग्रह किया है। राज्य प्रधान ओमपति कादयान, महासचिव हरिनिवास व प्रेस सचिव संदीप कुंडू ने कहा कि एमपीएचडब्ल्यू एसोसिएशन कर्मचारियों की सभी जायज मांगो का समर्थन करती है। अगर कर्मचारियों पर कार्रवाई न रोकी गई तो वे भी आंदोलन शुरू करेंगे।