जब उसने टर्मिनेशन लेटर की मांग की तो कोई जवाब नहीं मिला। उसे बैंक में घुसने नहीं दिया गया और न ही उसकी तनख्वाह दी गई। उसने दोनों से अपने घर के हालातों का वास्ता देकर भी पैसे मांगे लेकिन आरोपियों ने एक नहीं सुनी। इससे परेशान होकर उसने आत्महत्या कर ली। मृतक ने कहा उसकी मौत के जिम्मेदार दोनों ही होंगे। अंत में रविश ने अपने दोस्तों और सगे संबंधियों से माता-पिता का ध्यान रखने को कहा और उन्हें राशन मुहैया कराने की भी बात कही।
क्या कहती है मृतक की मां
रविश कुमार की मां शशि ने बताया कि शुक्रवार को उसने बेटे को फोन किया तो उसने सारी बात बताई। उसने अपने बेटे को घर आने को कहा। बेटे ने साफ तौर पर बोल दिया कि वह आत्महत्या करने जा रहा है। इसके बाद वह घर नहीं आया और परिजन उसे ढूंढने के लिए निकले। नहर किनारे उसकी मोटरसाइकिल और अन्य सामान मिला था।
क्या कहते हैं थाना प्रभारी
थाना साहनेवाल के प्रभारी इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह ने बताया कि रविश पक्का कर्मचारी नहीं था। उसे प्राइवेट तौर पर रखा गया था। वह लोगों को लोन दिलवाने का काम करता था। लॉकडाउन में काम धंधा नहीं था तो उसके पास पैसे नहीं थे। इस पर उसने आत्महत्या की है। उन्होंने कहा कि दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्जकर लिया है। दोनों की तलाश की जा रही है। जल्द ही दोनों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।