पंजाब में अगले दो साल के दौरान 32 से 33 हजार महिलाओं को ही सरकारी नौकरियां मिल सकेंगी, जबकि राज्य में हर साल स्नातक करने वाली युवतियों की संख्या डेढ़ लाख से ज्यादा है। राज्य सरकार ने अगले दो साल के दौरान युवाओं को एक लाख सरकारी नौकरियां देने का एलान किया है, जिसमें महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण दिए जाने का फैसला भी किया गया है।
खास बात यह है कि राज्य सरकार की खराब वित्तीय स्थिति के चलते बीते तीन साल के दौरान सरकारी नौकरियों में भर्ती पूरी तरह बंद रही। अभी राज्य में 3.77 लाख पक्के और करीब 50 हजार कच्चे सरकारी कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें महिला कर्मचारियों का प्रतिशत 18 है। राज्य सरकार का 33 फीसदी आरक्षण का फैसला सरकारी नौकरी में सीधी और पक्की भरती पर लागू होगा।
आंकड़ों पर नजर डालें तो रोजग़ार सृजन, कौशल विकास और प्रशिक्षण विभाग ने वर्ष 2020-21 में सभी प्रशासकीय विभागों से प्रत्यक्ष भर्ती के लिए खाली पदों का डाटा एकत्र किया। जिसके अनुसार कुल 48,989 खालीपद हैं। इसमें 33 फीसदी के हिसाब से 16166 को महिलाओं को ही नौकरी मिल सकेगी। अगर अगले साल भी कुल खाली पदों की संख्या लगभग इतनी ही रही तो उस समय भी 16 हजार महिलाओं को ही नौकरी मिल सकेगी।
यानी दो साल में 32 हजार से कुछ अधिक महिलाओं को सरकारी नौकरी मिलेगी। दूसरी ओर, बीते दस साल के दौरान महिला साक्षरता दर 71.3 फीसदी हो गई है, जो पहले 63.4 फीसदी थी। राज्य में हर साल 1.60 लाख युवतियां स्नातक की शिक्षा पूरी कर नौकरी पाने की हकदार बन जाती हैं।