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Chandigarh News: 328 पवित्र स्वरूप गुम होने का मामला... सिख संगठनों ने सुखबीर पर राजनीति और जांच को भटकाने का लगाया आरोप

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-169 पवित्र स्वरूप मिले लेकिन रिकॉर्ड का सवाल अभी भी कायम, जत्थेदार से निष्पक्ष जांच की अपील
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संवाद न्यूज एजेंसीअमृतसर। सिख सद्भावना दल के भाई बलदेव सिंह वडाला, किसान नेता भाई बलदेव सिंह सिरसा और सत्कार कमेटी के भाई सुखजीत सिंह खोसा ने 328 पवित्र स्वरूपों के गुम होने के लंबे समय से चल रहे विवाद पर गंभीर खुलासे किए। सिख नेताओं ने अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल और अन्य राजनीतिक नेताओं पर आरोप लगाया कि वे संवेदनशील मुद्दे को राजनीतिक रंग दे रहे हैं और सच्चाई को दबाने का प्रयास कर रहे हैं।भाई सुखजीत सिंह खोसा ने बताया कि पिछले पांच सालों के संघर्ष और हाईकोर्ट के आदेशों के बाद गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने बंगा के पास नभ कमल राजा साहिब स्थान से 169 पवित्र सरूप बरामद किए। उन्होंने सवाल उठाया कि ये सरूप किसके निर्देश पर वहां भेजे गए और उन्हें रिकॉर्ड में क्यों नहीं दर्ज किया गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के बयान में तथ्यात्मक सत्यता है, क्योंकि स्थानीय प्रशासन ने स्वीकार किया कि उनके पास 139 पवित्र स्वरूपों का कोई रिकॉर्ड नहीं है।
सिख आचार संहिता का उल्लंघन
खोसा ने कहा कि जिस स्थान को गुरुद्वारा साहिब बताया जा रहा है, वहां सिख आचार संहिता का उल्लंघन हो रहा है। निशान साहिब पर खंडे की जगह मोर पंख लगाए गए हैं, गुंबदों पर गैर-सिख निशान हैं और दरगाहों की पूजा होती है। उन्होंने बताया कि पवित्र स्वरूपों का प्रकाश ऐसे स्थानों पर किया गया है जो श्री अकाल तख्त साहिब के 2001 और 2013 के हुक्मनामों का उल्लंघन है।
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राजनीतिक हस्तक्षेप पर सवाल
भाई बलदेव सिंह वडाला ने सुखबीर बादल और एसजीपीसी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि जब एसआईटी जांच कर रही है, तब राजनीतिक नेता वहां जाकर बेअदबी और विवाद फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और अकाली दल केवल दोषी अधिकारियों और नेताओं को बचाने के लिए मामले को उलझा रहे हैं।
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जत्थेदार से निष्पक्ष जांच की अपील
सिख संगठनों ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार को चिट्ठी भेजकर मांग की है कि उस जगह की पवित्रता की जांच के लिए तुरंत निष्पक्ष कमेटी बनाई जाए। साथ ही पंजाब सरकार को ऑल-पार्टी मीटिंग बुलाने और राजनीतिक हस्तक्षेप करने वाले नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की सिफारिश की गई है।
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