केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ टिकरी बार्डर पर चले आंदोलन में हिस्सा लेकर लौट रहे युवक की सोमवार देर रात सड़क हादसे में मौत हो गई। मृतक लुधियाना के गांव जांगपुर का रहने वाला था। वह अपने दोस्त के साथ देर रात घर लौट रहा था। हादसे में मृतक का दोस्त घायल हो गया है। उससे मुल्लापुर दाखा के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
भारतीय किसान एकता उगराहां और ग्राम पंचायत ने डीसी को पत्र लिखकर साफ कर दिया कि मृतक के परिवार को दस लाख रुपये मुआवजा, वर्कशाप पर लिए कर्ज की माफी और परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए। जब तक इन मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा, तब तक संस्कार नहीं करेंगे। वहीं मंगलवार दोपहर बाद भी शव दोबारा बरनाला सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
गांव जांगपुर के सरपंच अमरजीत सिंह ने बताया कि हरमिंदर सिंह (31) वेल्डिंग का काम करता था। उसने गांव में कुछ समय पहले वर्कशाप तैयार की थी। इसके लिए बैंक से कर्ज ले रखा था। किसान आंदोलन में वह शुरू से हिस्सा ले रहा था। इससे पहले वह किसान यूनियन के साथ टोल प्लाजा पर धरने में शरीक होता था। 18 दिसंबर को वह गांव जांगपुर से किसान आंदोलन के लिए लकड़ियों से भरा ट्रक सेवा के तौर पर लेकर गया था। उस दिन से वह वहीं पर सेवा कर रहा था।
रविवार की रात वह टिकरी बॉर्डर से मोटरसाइकिल पर अपने गांव निवासी गुरजीत सिंह के साथ घर लौट रहा था। बरनाला के गांव धनौला के पास एक जानवर उनके सामने आ गया। इस हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। बरनाला सिविल अस्पताल से उसे लुधियाना के सीएमसी रेफर कर दिया गया था। यहां पर पहुंचने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया था।
मृतक हरमिंदर सिंह के परिवार में अब पत्नी, दो बच्चे, माता पिता व तीन भाई है। इनके पास खुद की कोई जमीन नहीं है। भारतीय किसान यूनियन उगराहां नेता तजिंदर सिंह ने बताया कि पंचायत व यूनियन की तरफ से डीसी को एक पत्र दिया गया है। पत्र में पीड़ित परिवार को दस लाख रुपये मुआवजा, वर्कशाप बनाने के लिए बैंक से लिया कर्ज माफी और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग रखी गई है। जब तक मांग पूरी नहीं होगी वह हरमिंदर का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।