सरबत दा भला चैरिटेबल ट्रस्ट के डा. एसपी सिंह ओबराय ने बताया कि ट्रस्ट के आर्टिस्टों की मदद से इस शिलालेख का डिजाइन इस ढंग से बनवाया गया है कि यह श्री करतारपुर साहिब को जाने वाले और वहां लौटने वाली संगत को एक सा दिखाई प्रतीत हो। उन्होंने बताया कि इस पर लगने वाला 9 फुट ऊंचा ‘एक ओंकार’ उत्तम क्वालिटी के स्टील से बनेगा, जिसे लेजर कट तकनीक से स्थापित किया जाएगा। जिससे यह हमेशा चमचमाता रहेगा।
यह मोटर के माध्यम से स्लो मोशन में लगातार घूमता रहेगा। इसके अलावा शिलालेख पर लगने वाली रबाब पांच फुट ऊंची होगी और उसे पांच धातुओं के मिश्रण से ढालकर सांचे की मदद से तैयार किया है। इस शिलालेख पर लिखा जाने वाला मूल मंत्र और शबद ‘इक बाबा अकाल रूप दूजा रबाबी मरदाना’ भी पांच धातुओं के मिश्रण से बनाया गया है।
शिलालेख पर उच्च स्तरीय सफेद पत्थर लगेगा। इसके आसपास विशेष लाइटिंग की जाएगी, जो आकर्षित करेंगी। उन्होंने बताया कि कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा की देखरेख और पेशेवर आर्टिस्ट सवरनजीत सिंह सवी, आर्किटेक्ट सुरिंदर सिंह, अमरजीत सिंह ग्रेवाल की निगरानी में इस शिलालेख का काम शुरू हो चुका है और कॉरिडोर के उद्घाटन से पहले यह कार्य पूरा हो जाएगा।