कांट्रैक्ट फाइनल होने के बाद एक वर्ष तक इन पार्किंग स्थलों पर दोपहिया वाहनों से पांच रुपये का शुल्क वसूला जाएगा। एक वर्ष के बाद घंटे के हिसाब से रेट होंगे। इसमें पहले 4 घंटे के लिए दोपहिया वाहनों से पांच रुपये। 6 घंटे तक की पार्किंग के लिए 10 रुपये और 8 घंटे लिए 15 रुपये जबकि 10 घंटे के लिए 20 रुपये तय किए गए हैं। इसके साथ ही हेलमेट रखने के लिए 2 रुपये और एक दिन का पास बनवाने के लिए 15 रुपये तय किए गए हैं। तीन और चार पहिया वाहनों से एक साल तक 10 रुपये चार्ज किए जाएंगे।
तीन करोड़ तय किया है रेट
इन पार्किंगों से नगर निगम प्रतिवर्ष 3 करोड़ रुपये कमाने की तैयारी में हैं। इन 30 पार्किंग स्थलों का रिजर्व प्राइस 3 करोड़ रुपये प्रति वर्ष का तय किया गया है। प्रतिवर्ष निगम इस प्राइस में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी करेगा और जिस कंपनी को पार्किंग चलाने का कांट्रैक्ट दिया जाएगा, उसे ही यह रकम अदा करनी पड़ेगी।
मेयर और भाजपा पार्षद मनमर्जी पर उतरे : बबला
कांग्रेस पार्षद देवेंद्र सिंह बबला का कहना कि भाजपा पार्षद और मेयर मनमर्जी पर उतर आए हैं। हर चीज पर पैसा एकत्र करने में जुटे हुए हैं और यह पैसा पब्लिक की जेब से निकालने की योजना है। कांग्रेसी पार्षद जनविरोधी इस नीति का विरोध करेंगे।
पेड पार्किंग के विषय में सदन में एजेंडा लाया जा रहा है। इस पर चर्चा के बाद सदन की सहमति के उपरांत ही इसे पास किया जाएगा। ऐसा प्रयास किया जाएगा कि चंडीगढ़ के लोगों पर ज्यादा भार न पड़े। रेट अपने आप नहीं बढ़ेंगे। रेट बढ़ाने से पहले सदन में चर्चा होगी। थर्ड पार्टी वेरिफिकेशन होगा। यह तय किया जाएगा कि पार्किंग स्मार्ट है कि नहीं तभी रेट बढ़ाए जाएंगे। -देवेश मोदगिल, मेयर, नगर निगम चंडीगढ़