कठुआ दुष्कर्म और हत्या मामले में बुधवार को 3 गवाहों को कोर्ट में पेश किया गया। इसके साथ ही सरकार और क्राइम ब्रांच की ओर से पेश गवाहों की संख्या 82 हो गई है। जानकारी के मुताबिक बुधवार को जो 3 गवाह कोर्ट में पेश किए गए वह तीनों चंडीगढ़ लैब के फोरेंसिक एक्सपर्ट थे। तीनों गवाहों ने कथित आरोपी विशाल जंगोत्रा से संबंधित सबूत और दस्तावेज पेश किए, जिनके जरिये क्राइम ब्रांच ने साबित करने की कोशिश की कि वारदात के वक्त विशाल जंगोत्रा रसाना में ही था, न कि मुजफ्फरनगर में।
फोरेंसिक विशेषज्ञों ने विशाल की हैंड राइटिंग, मोबाइल लोकेशन, फोन कॉल्स से संबंधित की गई जांच के सबूत और दस्तावेज पेश किए। सरकारी पक्ष के वकील एडवोकेट फारुखी ने बताया कि केस को कमजोर और प्रभावित करने के लिहाज से बचाव पक्ष ने कथित आरोपी विशाल के मुजफ्फरनगर में एग्जाम देने की झूठी कहानी गढ़ी थी। उन्होंने कहा कि पेश किए सुबूत इस झूठ को बेनकाब करने के लिए काफी हैं। फारुखी ने कहा कि सुबूतों से साबित हो जाएगा कि विशाल वारदात वाले दिन रसाना में था और पूरे घटनाक्रम में वह भी शामिल था।