चंडीगढ़ में कोरोना मरीजों के लिए अच्छी खबर है। चंडीगढ़ पुलिस की ओर से जब्त किए गए करीब 2990 रेमडेसिविर इंजेक्शन को यूटी प्रशासन का स्वास्थ्य विभाग इस्तेमाल कर सकेगा। मुंबई की लैबोरेटरी ने इन इंजेक्शन को सही पाया है और मरीजों पर इस्तेमाल करने की मंजूरी दे दी है।
चंडीगढ़ की ऑपरेशन सेल टीम ने 18 अप्रैल को कोरोना मरीजों के लिए इस्तेमाल होने वाले रेमेडिसिविर इंजेक्शन को गैर कानूनी ढंग से बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस टीम ने बद्दी स्थित दवा के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट से 3000 रेमडेसिविर इंजेक्शन बरामद किए थे। इन्हें आरोपी बिना किसी इजाजत और मंजूरी के मार्केट गैरकानूनी तरीके से बेच रहे थे। पुलिस ने दबिश के दौरान स्थानीय ड्रग इंस्पेक्टर की मौजूदगी में बरामद हुए तीन हजार इंजेक्शन को जब्त कर लिया था।
इसके बाद जिला अदालत की मंजूरी के बाद प्रशासन ने इन इंजेक्शन को जांच के लिए मुंबई के एक लैब में भेजा था, ताकि अगर ये ठीक पाए जाते हैं तो इनका इस्तेमाल मरीजों को बचाने में किया जा सके। शुक्रवार को मुंबई की लैब ने अपनी रिपोर्ट चंडीगढ़ प्रशासन को भेज दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह सभी इंजेक्शन इस्तेमाल करने लायक हैं और प्रशासन का स्वास्थ्य विभाग इन्हें मरीजों को दे सकता है।