नशे की ओवरडोज से पंजाब में पिछले तीन साल में 266 लोगों ने जान गंवाई है। इन आंकड़ों पर चिंता जताते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को नशे पर लगाम लगाने के लिए उठाए गए कदमों का ब्योरा सौंपने का आदेश दिया है।
जालंधर निवासी निधि ने एडवोकेट सतनाम सिंह ठाकुर के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट से जमानत देने की अपील की थी। याचिका में बताया गया कि एक युवक की नशे की ओवरडोज की वजह से मौत हो गई थी। उसके परिजनों की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसमें 12 लोगों को आरोपी बनाया गया था। याची उनमें से एक है, जबकि उसकी मामले में कोई भूमिका नहीं है।
हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन को नशे की ओवरडोज के चलते जान गंवाने वालों के बारे में जानकारी सौंपने का आदेश दिया था। ब्यूरो की ओर से हाईकोर्ट को बताया गया कि 1 अप्रैल 2020 से लेकर 31 मार्च 2023 तक नशे की ओवरडोज से पंजाब में 266 लोगों की जानें गई हैं।
2020-21 के बीच 36, 2021-22 के बीच 71 तो वहीं 2022-23 में 156 लोगों की जान गई है। बठिंडा में सबसे अधिक 38, तरनतारन में 30, फिरोजपुर में 19, मोगा और अमृतसर में 17, होशियारपुर और फाजिल्का में 14 व फरीदकोट में 13 लोगों की जान गई है। हाईकोर्ट ने हर साल बढ़ते मौत के आंकड़ों पर चिंता जताते हुए अब पंजाब के मुख्य सचिव को नशे पर लगाम लगाने के लिए उठाए कदमों का ब्योरा सौंपने का आदेश दिया है।