चंडीगढ़। दस साल पहले सामने आए चर्चित रेल गेट घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में अदालत ने पूर्व रेलमंत्री पवन कुमार बंसल के भांजे विजय सिंगला की ओर से विदेश जाने को लेकर दायर की गई याचिका को कुछ शर्तों के साथ मंजूर कर लिया है। केस के आरोपी विजय सिंगला ने बिजनेस मीटिंग और परिवार के साथ घूमने जाने को लेकर अदालत में याचिका दायर की थी।
अदालत ने याचिका को मंजूर करते हुए याचिकाकर्ता आरोपी को 1.25 करोड़ रुपये जमा करवाने को कहा है, जिसमें से एक करोड़ इंडेमिनिटी बॉन्ड और 25 लाख रुपये की एफडी अदालत में जमा करवानी होगी। वहीं जमा कराई गई रकम को अदालत की परमिशन के बिना कैश रिलीज नहीं करवा सकेगा और अगर वह इस दौरान अदालत की ओर से तय की गई शर्तों को तोड़ता है तो उसके ओर से जमा कराई गई राशि को जब्त कर लिया जाएगा।
साल 2013 में सीबीआई ने रेलवे में भर्ती के नाम पर करोड़ों का स्कैम पकड़ा गया था। मामले में जांच एजेंसियों ने पवन बंसल के भांजे समेत 10 लोगों को आरोपी बनाते हुए केस दर्ज किया था। मामले में सीबीआई की ओर से दर्ज किए गए केस के बाद इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) ने भी करोड़ों रुपये के इस स्कैम की जांच शुरू कर दी। मामले में जांच करते हुए ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच करते हुए मनी लॉन्ड्रिंग के तहत केस दर्ज किया गया था। ईडी का केस चंडीगढ़ में ट्रांसफर कर दिया गया था। मामले में ईडी की ओर से विशेष अदालत में चार्जशीट दायर कर दी गई थी। मामले में आरोपी बनाए गए पवन कुमार बंसल के भांजे विजय सिंगला ने यूके में बिजनेस मीटिंग और दुबई में परिवार के साथ घूमने के लिए कोर्ट से परमिशन मांगी थी। इसलिए कोर्ट ने कहा कि आरोपी को पूरे परिवार के लिए एक करोड़ रुपए का इंडेमिनिटी बॉन्ड भरना होगा और साथ ही 25 लाख रुपए की एफडी कोर्ट में जमा करवानी होगी। आरोपी इस अमाउंट को कोर्ट की परमिशन के बिना कैश या रिलीज नहीं करवा सकेगा और अगर वह इस दौरान कोर्ट की शर्तों को तोड़ेगा तो उसका ये अमाउंट जब्त कर लिया जाएगा।