नगर निगम ने शहर में चल रही ओला, उबेर और टैक्सी फॉर श्योर की कैब पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मंगलवार को नगर निगम के अतिक्रमण हटाओ दस्ते ने सेक्टर-15 गोपाल स्वीट्स के सामने की पार्किंग से 26 कैब उठाईं।
निगम अधिकारियों ने बताया कि यह पार्किंग ग्राहकों के लिए है। लेकिन इस पर टैक्सी चालकों का कब्जा था। यहां चालक हमेशा अपनी कारें पार्क करते थे। जिस कारण ग्राहकों को जगह नहीं मिलती थी। सभी कैब को नगर निगम ने जब्त कर औद्योगिक क्षेत्र स्थित स्टोर पर रखा था।
जिन्हें शाम को भारी जुर्माना लेकर छोड़ा गया है। हर कैब के लिए 3500 रुपये का जुर्माना तय किया गया है। शहर में इस समय तीन हजार कैब चल रही हैं। जिनसे निगम पार्किंग सेस वसूलने की तैयारी कर रहा है। मेयर अरुण सूद ने ज्वाइंट कमिश्नर वीरेंद्र चौधरी को इस संबंध में प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
जिसके तहत शहर में विभिन्न स्थलों की पहचान की जाएगी। इसे पार्किंग के रूप में सिर्फ कैब वाले ही प्रयोग कर सकेंगे। मालूम हो कि वार्ड पार्षद सौरभ जोशी ने पिछली सदन की बैठक में पार्किंग में इन कैब के पार्क होने का मामला उठाया था।
नगर निगम के अनुसार अगले दिनों में भी यह कार्रवाई जारी रहेगी। नगर निगम के अनुसार बाजारों की पार्किंग शहरवासियों के लिए रिजर्व है। इनमें कैब को अपना स्टैंड बनाने की मंजूरी नहीं है। इस समय हाल यह है कि बाजारों की पार्किंग में जब तक चालक को नए ग्राहक को पिक करने की कॉल नहीं आती तब तक कैब वहां पर खड़ी रहती है।
सेक्टर-15 में क्यों होती है ज्यादा टैक्सी पार्क
सेक्टर-15 के बाजार के पास पीजीआई, पेक और सेक्टर-14 में पीयू है। साथ ही सेक्टर-15 में पीजी की संख्या अधिक है, जिस कारण सबसे ज्यादा मांग ऑनलाइन कैब की रहती है। इसलिए यहां की पार्किंग में सबसे अधिक कैब पार्क होती है।
चालकों ने रोष जताया
चालकों का एक प्रतिनिधिमंडल मेयर अरुण सूद से भी मिला। जिसके बाद मेयर ने ज्वाइंट कमिश्नर वीरेंद्र चौधरी के साथ बैठक कर शहर में चल रहीं तीन हजार ऑनलाइन कैब के लिए पॉलिसी बनाने को कहा। चालकों ने कार्रवाई के खिलाफ नगर निगम के गेट पर रोष जाहिर किया। सूचना मिलने पर मौके पर सेक्टर-17 थाना प्रभारी उदय पाल सिंह भी पहुंचे।