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अब कुवैत में हत्या के जुर्म में फंसे 25 पंजाबी

Sat, 30 Aug 2014 01:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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दुबई में एक पाकिस्तानी नागरिक की हत्या के मामले में 17 पंजाबियों के फंसने का मामला अभी लोग भुला भी नहीं सके थे कि अब कुवैत में मिस्र के दो नागरिकों की हत्या के आरोप में 25 पंजाबी युवकों को गिरफ्तार किए जाने की खबर है। गिरफ्तार युवकों के साथियों ने एक वीडियो संदेश के जरिए भारत सरकार से मदद मांगी है।
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युवकों ने वीडियो संदेश में कहा है कि कुवैत की फैक्ट्री में काम करने वाले भारतीय और मिस्र के नागरिकों के बीच झगड़ा हो गया था। इस झगड़े के बाद दो मिस्री नागरिकों की मौत हो गई।

इस मामले में स्थानीय पुलिस ने 25 भारतीयों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए युवक पंजाब के रहने वाले हैं। कुवैत की जिस फैक्ट्री में झगड़ा हुआ है, उसके मालिकों द्वारा करीब 500 भारतीय कामगारों को बंधक बना लेने की भी खबर है।
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वीडियो संदेश में यह भी कहा गया है कि गिरफ्तार भारतीयों को कुवैत में कोई कानूनी सहायता नहीं मिल रही है और भाषा भी समस्या बनी है। बंधक बनाए गए भारतीय पंजाब और राजस्थान के रहने वाले हैं।

इन्हीं में शामिल कपूरथला जिले के गांव कूका निवासी जसबीर सिंह ने अपने परिजनों को कुवैत में हुई पंजाबियों की गिरफ्तारी और फैक्ट्री द्वारा बंधक बनाए जाने के बारे में अपने परिजनों को सूचना दी है।

युवकों के परिजनों में घबराहट

जसबीर की खबर आने पर उनके परिजन बहुत घबराए हुए हैं और उन्होंने सरकार से अपील की है कि वह जसबीर और उनके साथ कुवैत में फंसे बाकी भारतीयों को रिहा कराएं। जसबीर बीते साल दिसंबर में कुवैत गए थे।

दो दिन पहले उन्होंने फोन पर पंजाबियों और मिस्र निवासियों के बीच झगड़े की जानकारी भी परिवार को दी। जसबीर ने बताया कि उनके पंजाबी दोस्तों को जेल में डाल दिया गया है। जसबीर ने यह भी बताया कि वहां लोग भारतीयों को पसंद नहीं करते। झगड़ा कंपनी में साथ-साथ काम करने वालों के बीच हुआ था।

जसबीर ने सरकार से भी गुहार लगाई है कि कुवैत में गिरफ्तार पंजाबियों को रिहा करवाकर भारत लाया जाए क्योंकि उन पर झूठा केस दर्ज हुआ है। जसबीर का दावा है कि जिन दो युवकों की मौत हुई है, वह झगडे़ में नहीं बल्कि घबराहट के कारण झगड़े के बाद मरे हैं।

पंजाब के एनआरआई विभाग के सचिव संजय कुमार ने कहा है कि विदेश मंत्रालय की ओर से अभी तक उन्हें ऐसी कोई जानकारी नहीं दी गई है। जानकारी मिलते ही सरकार कुवैत में फंसे भारतीयों की मदद को हरसंभव प्रयास करेगी।

पंजाब एनआरआई कमीशन ने लिया संज्ञान

कुवैत में 500 से अधिक पंजाबी युवकों को कंपनी द्वारा बंधक बनाए जाने के मामले में पंजाब एनआरआई कमीशन ने संज्ञान लिया है। कमीशन ने केंद्रीय मंत्रालय को वहां फंसे पंजाबियों की मदद करने को कहा है। कमीशन के चेयरमैन  जस्टिस (रिटायर्ड) अरविंद कुमार और एडीजीपी-कम-मेंबर एस. चट्टोपाध्याय ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं।

कमीशन की ओर से कहा गया है कि कुवैत में पंजाबी युवकों को नौकरी देने वाली कंपनी ने ही बंधक बना लिया है और दो-तीन दिन से उन्हें खाना भी नहीं दिया जा रहा। कंपनी ने उनके पासपोर्ट भी जमा कर लिए हैं और एक महीने से उन्हें वेतन भी नहीं दिया गया।

कमीशन ने कहा है कि पंजाब में मानव तस्करी का कारोबार फल-फूल रहा है। कमीशन ने पहले इसके लिए लॉ एनफोर्समेंट यूनिट और ह्यूमन ट्रैफिकिंग विक्टिम रिलीफ फंड बनाने का सुझाव दिया, जिसकी मॉनीटरिंग के लिए प्रमुख सचिव की अगुवाई में तीन सदस्यीय बोर्ड बनाया जाए। कमीशन ने कहा है कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि केंद्र सरकार विदेशों में रह रहे भारतीयों के प्रति गंभीर नहीं है।
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विदेश मंत्रालय को कदम उठाने के निर्देश

कमीशन ने विदेश मंत्रालय और ओवरसीज इंडियन अफेयर्स मंत्रालय को निर्देश दिए हैं कि इस मामले में जल्द कदम उठाए। इंडियन मिशन कुवैत में अपने सहयोगियों से तालमेल करे ताकि पंजाबी युवकों को इलाज, आर्थिक और कानूनी सहायता दी जा सके। केंद्र सरकार को इसके लिए विशेष दूत नियुक्त करने को कहा गया है।

कमीशन ने मंत्रालयों को अगली सुनवाई, 21 अक्तूबर से पहले रिपोर्ट देने को कहा है। वहीं, राज्य सरकार से भी केंद्रीय मंत्रालयों से तालमेल करने को कहा है।

विदेश में काम करने गए पंजाबियों के लिए यह दूसरा अवसर है जब उन पर हत्या जैसा संगीन आरोप लगा है। इस घटना के पहले दुबई में एक पाकिस्तानी की हत्या के मामले में स्थानीय पुलिस ने 17 पंजाबियों को गिरफ्तार कर लिया था। उस समय सभी युवकों को रिहा करवाकर भारत लाने में पंजाब के उद्योगपति एसपी सिंह ओबेराय ने अहम भूमिका निभाई थी।
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