जिला शिक्षा अधिकारी चंडीगढ़ ने मंगलवार को गवर्नमेंट और गवर्नमेंट ऐडेड स्कूलों के प्रमुखों को पत्र जारी करके 15 जून से 25 प्रतिशत शिक्षकों को स्कूल बुलवाने के निर्देश दिए हैं। डीईओ ने पत्र में जिक्र किया कि शिक्षक स्कूलों में ऑनलाइन टीचिंग, नए दाखिले और सीबीएसई बोर्ड परीक्षा आयोजित करवाने व अन्य शैक्षणिक कामों को पूरा करेंगे।
डीईओ ने पत्र में स्कूल प्रमुखों को निर्देश दिए कि वे 25 प्रतिशत शिक्षकों के एक ग्रुप को एक हफ्ते तक और अन्य ग्रुप को दूसरे हफ्ते बुलाएंगे। वहीं जिन शिक्षकों को स्कूल नहीं बुलाया जाएगा, वे घर से काम करेंगे। बता दें कि अभी तक गवर्नमेंट स्कूलों में सिर्फ स्कूल हेड को आने की अनुमति दी गई थी।
वहीं हेड को अगर किसी शैक्षणिक कार्य के लिए जरूरत पड़ती थी तो ही वे दो से तीन शिक्षकों को स्कूल बुलाते थे। शिक्षक 6वीं से लेकर 12वीं तक के स्टूडेंट्स को घर से ही ऑनलाइन पढ़ा रहे हैं। शिक्षकों को स्कूल बुलाने के दौरान मास्क और साफ-सफाई का ध्यान रखने की जिम्मेदारी भी स्कूल प्रमुख को दी गई है।
इन शिक्षकों को मिली छूट
जिन शिक्षकों की उम्र ज्यादा है, किसी बीमारी से ग्रस्त हैं, गर्भवती महिलाएं और कंटेनमेंट जोन में रह रहे शिक्षकों को स्कूल में नहीं बुलाया जाएगा। ये सभी शिक्षक घर से ही काम करेंगे। वहीं अगर विभाग की तरफ से अगर किसी जरूरी काम के लिए इन्हें बुलाया जाता है तो इन्हें उस समय के लिए ही आना होगा।
परिजनों से बातचीत कर स्कूल खोलने को लेकर बनाए प्लान
स्कूल प्रिंसिपल और हेड वरिष्ठ शिक्षकों का एसएमसी मेंबर, एरिया काउंसलर और स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के परिजनों के साथ ग्रुप बनाएंगे। इन सभी की स्कूलों को दोबारा खोलने के लिए राय लेने के बाद उसकी रिपोर्ट तैयार करेंगे। यह सुझाव रिपोर्ट डीईओ ऑफिस में 22 जून तक जमा करवानी होगी।