बता दें कि पुलिस अपराधियों को पकड़ कर बुड़ैल जेल ले जाती है। जेल प्रशासन इन अपराधियों को बैरक में भेजने से पहले कोरोना रिपोर्ट देखने के साथ स्वास्थ्य जांच भी करता है। बावजूद इसके इतनी बढ़ी संख्या में केस आए हैं। वहीं, पंजाब और हरियाणा ने कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर कहा था कि जिस प्रकार कोरोना तेजी से बढ़ रहा है, उसे देखते हुए छोटे-मोटे अपराधों के मामले में आरोपियों को गिरफ्तार न किया जाए। ऐसे में पुलिस अब छोटे-मोटे केसों के अपराधियों को गिरफ्तार करने से बच रही है।
अब तक नहीं शुरू हुआ कैदियों का टीकाकरण
जेल अधिकारियों का कहना है कि कैदियों के कोरोना टीकाकरण के लिए एक सूची तैयार की गई है। इस सूची में 10 महिलाओं समेत 131 कैदियों की उम्र 45 वर्ष से ज्यादा है। जल्द ही उनका टीकाकरण कराया जाएगा जबकि बाकी कैदियों को इनके बाद टीका लगेगा। दूसरी तरफ, जेल अधिकारियों व जवानों का टीकाकरण हो चुका है जबकि कुछ जेल कर्मियों को टीका लगना बाकी है।
25 कैदियों को पैरोल पर छोड़ा
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा गठित की गई हाई पावर्ड कमेटी की वर्चुअल बैठक में 400 कैदियों को स्पेशल पेरोल व अंतरिम जमानत दिए जाने का फैसला लिया गया था। जेल प्रशासन अब तक 64 कैदियों को अंतरिम जमानत जबकि 25 कैदियों को पैरोल पर छोड़ चुका है। इसका मुख्य उद्देश्य जेल में कोरोना संक्रमण की चेन को बढ़ने से रोकना है।
कुछ और कैदी कोरोना संक्रमित मिले हैं। करीब 20 कैदी ऐसे हैं, जिनमें कोरोना के लक्षण नहीं हैं। इसके अलावा जल्द ही इन कैदियों को वैक्सीन लगवाया जाएगा ताकि आने वाले समय में कैदियों में संक्रमण की संभावना कम हो जाए। -विराट, एआईजी, बुड़ैल मॉडल जेल।