-सरकार ने समयबद्ध और जल्द आकलन सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
-फसलों का नुकसान बढ़ा, अब तक 1.98 हेक्टेयर क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। सरकार ने विशेष गिरदावरी के आदेश के बाद तुरंत प्रभाव से बाढ़ग्रस्त इलाकों में बर्बादी का आकलन करने के लिए 2167 पटवारी तैनात कर दिए हैं। आपदा प्रबंधन मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने सभी पटवारियों को निर्देश दिया कि वे इस प्रक्रिया को पारदर्शी व समयबद्ध तरीके से पूरा करें। उधर बाढ़ के दौरान मोगा जिले में एक और मौत दर्ज की गई है। अब तक मरने वालों की कुल संख्या 56 हो चुकी है।
मंत्री के अनुसार प्रत्येक बाढ़ पीड़ित को 45 दिनों के भीतर मुआवजा मिल जाएगा। राजस्व मंत्री ने स्पष्ट किया कि मुआवजा कोई उपकार नहीं, बल्कि प्रभावित लोगों का अधिकार है। अधिकारियों की लापरवाही या जानबूझकर की गई देरी पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
विशेष गिरदावरी के लिए अमृतसर में 196, बरनाला में 115, बठिंडा में 21, फरीदकोट में 15, फाजिल्का में 110, फिरोजपुर में 113, गुरदासपुर में 343, होशियारपुर में 291, जालंधर में 84, कपूरथला में 149, लुधियाना में 60, मलेरकोटला में 7, मानसा में 95, मोगा में 29, पठानकोट में 88, पटियाला में 141, रूपनगर में 92, संगरूर में 107, एसएएस नगर में 15, श्री मुक्तसर साहिब में 25 और तरनतारन में 71 पटवारी तैनात किए गए हैं। पटवारियों की टीमें गांव-गांव जाकर क्षेत्रीय निरीक्षण करेंगी और फसल क्षति, मकानों के नुकसान और पशुओं की मौत पर रिपोर्ट तैयार करेंगी। फसल का नुकसान भी बढ़ गया है। अब कुल फसल क्षेत्र 1,98,525 हेक्टेयर बाढ़ से प्रभावित है।