हरियाणा की विभिन्न जेलों से पैरोल पर गए 215 कैदियों ने अभी तक सरेंडर नहीं किया है। हरियाणा के एडिशनल आईजी जेल जगजीत सिंह ने हाईकोर्ट में पेश किए हलफनामे में यह जानकारी दी है।
हलफनामे में कहा गया कि फरार कैदियों की धरपकड़ के प्रयास तेज चल रहे हैं।
मंगलवार को एफिडेविट को रिकार्ड में लेकर चीफ जस्टिस संजय किशन कौल एवं जस्टिस एजी मसीह ने कहा कि कैदियों के संबंध में हरियाणा सरकार कैदियों के पेरोल पर जाने पर अपने स्तर पर फैसला ले, नहीं तो हाईकोर्ट इस पर खुद कोई कड़ा फैसला लेना पड़ सकता है।
हाईकोर्ट में दाखिल जनहित याचिका में हरियाणा गुड कंडक्ट प्रीजनर्स (टेंपरेरी रिलीज), एक्ट 1988 का हवाला देते हुए कहा गया है कि अच्छे आचरण वाले कैदियों को पेरोल पर नहीं भेजा जा रहा।
आपात स्थितियों में ही कैदियों को महज 48 घंटे के लिए बाहर निकाला जाता है। इससे कैदी आम समाज से नहीं जुड़ पा रहे हैं।
नतीजतन, जेल की सजा भुगतने के बावजूद उनको आपराधिक कृत्यों से दूर नहीं किया जा पा रहा। याचिका में हाईकोर्ट से आग्रह किया गया है कि इस संबंध में कोई उचित दिशा निर्देश जारी किए जाएं।