गुरुवार देर रात बजरंग ने अपने परिवार के साथ मिलकर अमनप्रीत की हत्या कर दी और मामले को आत्महत्या में बदलने की नाकाम कोशिश की। बलविंदर कौर ने बताया गुरुवार रात 10:00 बजे अमनप्रीत ने उन्हें फोन पर झगड़े के बारे में बताया तो बजरंग उसका मोबाइल फोन तोड़ डाला।
शुक्रवार तड़के दाखा पुलिस का फोन आया कि अमनप्रीत मर चुकी है। जांच अधिकारी थानेदार हरदीप सिंह ने बताया कि बजरंग ने ही उन्हें फोन कर बताया कि उसकी पत्नी ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। जब वह मौके पर पहुंचे तो अमरप्रीत का शव बेड पर पड़ा था और गले में निशान थे।
उधर, सिविल अस्पताल सुधार में परिजनों से दोपहर 4:00 बजे पोस्टमार्टम न होने की बात कही, क्योंकि अमनप्रीत कौर गर्भवती थी, इसलिए उसका पोस्टमार्टम माहिरों की देखरेख में होने का हवाला देकर उन्हें सिविल अस्पताल लुधियाना जाने को कहां गया। परिजनों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें एंबुलेंस का इंतजाम भी नहीं करके दिया गया निजी गाड़ी में अमनप्रीत कौर का शव लुधियाना सिविल अस्पताल ले गए।