पंजाब के डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बताया कि शुक्रवार को कुल 62 इकाइयों पर छापे मारे गए और इनमें से 23 इकाइयों को कालाबाजारी और जमाखोरी का दोषी पाया गया। इनमें गुरदासपुर में 10, पठानकोट में 4, कपूरथला में 4 और जालंधर की 5 इकाइयां शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इनके अलावा फिरोजपुर में पांच अन्य चालान भी किए गए और जुर्माना किया गया। शुक्रवार शाम तक कर्फ्यू के उल्लंघन के मामलों में 15 एफआईआर दर्ज की गई हैं और उल्लंघन करने वाले 20 वाहन जब्त किए गए है।
डीजीपी ने आगे बताया कि 48 घंटे में, उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कुल 900 के करीब एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिनमें से 1250 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है और 800 वाहनों को जब्त किया गया है। जालंधर शहर में सबसे ज्यादा 119 एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद अमृतसर शहर में 93 एफआईआर दर्ज की गईं। डीजीपी ने बताया कि सूबे में बनाई गई 21 ओपन जेलों में 2000 लोगों को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि सूबे में कर्फ्यू लागू किए जाने के बाद से अब तक उल्लंघन करने वाले 2592 व्यक्ति गिरफ्तार किए गए और कुल 1784 एफआईआर दर्ज की गई हैं।
उधर, लुधियाना के पुलिस आयुक्त अश्वनी कपूर ने कहा कि लोगों ने लॉकडाउन उल्लघंन को आद बना ली है। आज (3 अप्रैल) हमने 1100 लोगों को हिरासत में लिया है। हम एक बार के अपराधियों को चेतावनी और व्यक्तिगत बांड भरने के बाद छोड़ देते हैं। लेकिन दोबारा अपराध करने पर उनके खिलाफ मामला दर्ज करते हैं।
पुलिस ने कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों पर और सख्ती करने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। राज्य के दस जिलों में ड्रोन तैनात कर दिए हैं जो भीड़भाड़ जैसे हालात उत्पन्न होने की स्थिति पर नजर रख रहे हैं। इसके साथ ही कालाबाजारी करने वालों और जमाखोरों पर भी नजर रखी जाएगी।
डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बताया कि ड्रोन अब तक मोहाली, संगरूर, फाजिल्का, होशियारपुर, एसबीएस नगर, बरनाला, जालंधर ग्रामीण, मोगा, रोपड़ और फतेहगढ़ साहिब जिले में 34 स्थानों पर तैनात किए गए हैं। उन्होंने कहा कि कर्फ्यू को प्रभावशाली ढंग से लागू करने और मानवीय संसाधनों का कुशल तरीके से इस्तेमाल करने में ड्रोन का उपयोग काफी कारगर रहा है।