चंडीगढ़। स्वास्थ्य विभाग ने प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान को सशक्त बनाने के लिए 15 दिवसीय एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान की शुरुआत की। यह आयोजन यूटी प्रशासन के नेतृत्व और स्वास्थ्य सचिव के मार्गदर्शन में किया गया। अभियान का शुभारंभ हेल्थ डायरेक्टर डॉ. सुमन सिंह ने किया।
यह अभियान विशेष रूप से मौली जागरां, दरिया, रायपुर कलां और मखन माजरा क्षेत्रों में टीबी के मामलों की शीघ्र पहचान और निशुल्क उपचार सुनिश्चित करने पर केंद्रित है। इस दौरान डॉ. सुमन सिंह के साथ एमएस डॉ. सुशील कुमार माही, डीएमएस डॉ. परविंदर सिंह, एनएचएम नोडल अधिकारी डॉ. चरु सिंगला, राज्य टीबी अधिकारी डॉ. नवनीत कंवर और डीएफडब्ल्यूओ डॉ. मनजीत सिंह भी उपस्थित रहे।
अभियान के अंतर्गत 20 विशेष टीमों को रवाना किया गया है, जो घर-घर जाकर लोगों की जांच करेंगी और संभावित टीबी रोगियों की पहचान करेंगी। जांच के लिए मौके पर ही थूक संग्रह किया जाएगा, जिसे निशुल्क टीबी परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा।
जिन व्यक्तियों को आगे की जांच की आवश्यकता होगी, उनके लिए निकटतम आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर मोबाइल एक्स-रे सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। डॉ. सुमन सिंह ने कहा जिन व्यक्तियों में टीबी के लक्षण पाए जाते हैं या जिनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आती है, उन्हें तुरंत पुष्टि जांच और निशुल्क उपचार की सुविधा प्रदान की जाएगी।