सिविल सर्विसेज के घोषित नतीजों में PGI की डॉ. आर्तिका शुक्ला ने देश भर में पाया चौथा स्थान। मंगलवार को घोषित नतीजों में ट्राइसिटी के करीब 20 युवाओं ने सफलता हासिल की है। करीब चार साल बाद आईएएस में चंडीगढ़ से किसी ने टॉप 10 में जगह बनाने में सफलता हासिल की है।
पीजीआई के बाल रोग विभाग में जूनियर रेसिडेंट डॉ. आर्तिका शुक्ला ने सिविल सर्विसेज में ऑल इंडिया में चौथा स्थान हासिल किया है। पीजीआई में ही नर्स रह चुकीं एक अन्य कैंडीडेट ज्योतिंद्र कौर बाजवा (256वां) ने भी सिविल सर्विसेज में सफलता हासिल की है। टॉप 100 में ट्राइसिटी से छह युवाओं ने बाजी मारी है। इनमें 40वां रैंक हासिल करने वालों में गजल भारद्वाज दो साल से कोचिंग ले रही थीं।
ऋषि त्रिपाठी ने 45, तोरुल एस रवीश 49, आशीष दहिया 53, नाजुक कुमार 58 और राकेश ने 91वां रैंक हासिल किया है। चंडीगढ़ से कोचिंग लेने वाले या शहर से जुड़े सिविल सर्विसेज में चुने जाने वालों में संदीप गिल(146),अंजली अंजन(148), जगपाल सिंह धनोआ (184), उत्कर्ष (219), अमित कुमार पांचाल (272), अर्श वर्मा (255) पूनम (308) प्रमोद कुमार श्यौराण(309), हरदीप सिंह (331), दानिश इंद्र सिंह गिल (359), दिलमिल सिंह सोच (379), तान्या बैंस (405), गुरतेश मथारू (417), अभिषेक कुमार बंसल (493), नूर शेरगिल (510), इंद्रजीत सिंह (543) इशांत दुग्गल (926) और सुखदेव सिंह(1017) शामिल हैं।
पिछले सालों की तरह इस बार भी सिविल सर्विसेज रिजल्ट में डॉक्टर और इंजीनियरिंग पेशे से जुड़े युवाओं का ही दबदबा रहा है। सिविल सर्विसेज के नए पैटर्न के कारण अधिकतर सफल उम्मीदवारों का 3 या 4 चांस था। मंगलवार शाम को रिजल्ट घोषित होते ही सफल हुए युवाओं के घर और फोन पर बधाई देने का सिलसिला शुरू हो गया। सफल हुए कैंडिडेट्स में अधिकतर इंजीनियर और डॉक्टर शामिल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार पिछले साल के मुकाबले चंडीगढ़ का ओवर ऑल रिजल्ट का ग्रॉफ नीचे गया है।
एसजीजीएस-26 के प्रो. संदीप सिंह ने हासिल किया (143वां) रैंक
श्री गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज-26 के प्रो. संदीप सिंह ने यूपीएससी में 143वां रैंक हासिल किया है। प्रो. संदीप ने बताया कि यूपीएससी ने 2011 वाले स्टूडेंट्स को 2015 में स्पेशल चांस दिया था। यह स्पेशल चांस उनके लिए गोल्डन चांस साबित हुआ।
चांस मिलने केबाद उन्होंने इसे गोल्डन बनाने केलिए जीतोड़ मेहनत शुरू कर दी थी। प्रो. सिंह ने बताया कि वह बच्चों को पढ़ाने के बाद जितना भी समय मिलता था उसमें अपनी तैयारी करने में जुट जाते थे। मूल रूप से खन्ना के रहने वाले प्रो. सिंह 2009 से चंडीगढ़ में ं इंग्लिश पढ़ाते हैं। यूपीएससी में भी प्रो. सिंह का विषय इंग्लिश लिटरेचर ही रहा।