चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से ज्वाइंट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (जेईआरसी) के पास नए वित्तीय वर्ष 2014-15 से चंडीगढ़ में बिजली के रेट में 21 फीसदी तक बढ़ोतरी करने संबंधी याचिका दायर की गई।
अगर जेईआरसी इस याचिका को स्वीकार कर लेता है तो एक अप्रैल से चंडीगढ़ में बिजली के रेट बढ़ जाएंगे। हालांकि इसके लागू होने में एक पेच है।
प्रशासन के अधिकारियों को उम्मीद है कि अगले वित्तीय वर्ष के लिए भी बिजली के रेट में बढ़ोतरी नहीं होगी क्योंकि प्रशासन ने जेईआरसी के निर्देश पर अपने अकाउंट्स का कामर्शियल ऑडिट नहीं कराया है। ऐसे में अगले वित्तीय वर्ष में भी लोगों को राहत मिल सकती है।
मौजूदा वित्तीय वर्ष में भी बिजली के रेट बढ़ाने संबंधी बिजली विभाग की याचिका को जेईआरसी ने इसलिए स्वीकार नहीं किया था क्योंकि बिजली विभाग ने कामर्शियल ऑडिट नहीं कराया था।
इस वजह से इस वित्तीय वर्ष में चंडीगढ़ में बिजली के रेट नहीं बढ़े थे। हालांकि उससे पहले दो साल लगातार रेट बढ़े थे। बिजली के रेट न बढ़ने से बिजली विभाग को 156 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। इससे पहले चंडीगढ़ में 1 मई, 2012 से बिजली के रेट बढ़े थे।
सुझाव किए जा सकते हैं आमंत्रित :
प्रशासन ने अपनी याचिका में एनुअल रेवेन्यू रिक्वायरमेंट (एआरआर) का उल्लेख किया है। प्रशासन की ओर से एआरआर तैयार करने के लिए कंसलटेंट नियुक्त किया था।
उम्मीद है कि बिजली विभाग की याचिका पर अंतिम सुनवाई से पहले जेईआरसी की ओर से बिजली की प्रस्तावित दरों पर शहर के लोगों से सुझाव भी आमंत्रित किए जाएंगे।
घरेलू सप्लाई -------मौजूदा रेट----प्रस्तावित
0-150------------------2.30---------2.78
150 से अधिक----------4.20---------4.60
400 से अधिक---------4.40---------4.95
कामर्शियल
0-150----------------4.30---------4.70
150 से अधिक---------4.50---------5.30
400 से अधिक---------4.70---------5.70
(रेट प्रति यूनिट रुपये में)
जरूरत पड़ने पर लगा सकते हैं
प्रशासन ने अपनी याचिका में पहले की तरह तीन स्लैब ही रखे हैं। अभी घरेलू उपभोक्ताओं को 150 यूनिट तक 2.30 रुपये प्रति यूनिट देने पड़ते हैं।
इसे बढ़ाकर 2.78 रुपये प्रति यूनिट करने का प्रस्ताव है। जबकि 150 से 400 यूनिट के लिए उपभोक्ताओं को 4.20 रुपये प्रति यूनिट देने पड़ते हैं। इसे बढ़ाकर 4.60 रुपये प्रति यूनिट करने का प्रस्ताव है।
400 से ऊपर यूनिट खर्च होने पर उपभोक्ताओं को 4.40 रुपये प्रति यूनिट देने पड़ते हैं। इसे बढ़ाकर 4.95 रुपये प्रति यूनिट करने का प्रस्ताव है।
कामर्शियल उपभोक्ताओं को अभी पहली 150 यूनिट के लिए 4.30 और 150 से 400 यूनिट के लिए उन्हें 4.50 रुपये प्रति यूनिट देने पड़ रहे हैं।
प्रशासन ने अपनी याचिका में 4.30 रुपये से बढ़ाकर 4.70 रुपये प्रति यूनिट और 4.50 रुपये से बढ़ाकर 5.30 रुपये प्रति यूनिट करने का प्रस्ताव है।
400 से ऊपर यूनिट के लिए उन्हें 4.70 रुपये प्रति यूनिट देने पड़ रहे हैं। इसे बढ़ाकर 5.70 रुपये प्रति यूनिट करने का प्रस्ताव है।