चंडीगढ़ में चेन स्नैचिंग और दोपहिया वाहन चोरी के एक दर्जन मामलों के आरोपी जालंधर निवासी दोनों भाई नमन (26) और शुभम (23) नशे की लत पूरी करने के लिए यह वारदात करते थे। दोनों पर जालंधर में कई मामले दर्ज हैं। वहां उनकी पहचान होने के बाद दोनों चंडीगढ़ आ गए थे और यहां चेन स्नैचिंग की वारदात को अंजाम देने लगे। वहीं पुलिस ने उनके तीसरे साथी जो उन्हें नशा सप्लाई करता था उसे भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
यह जानकारी डीएसपी क्राइम पवन कुमार ने सेक्टर-11 स्थित क्राइम ब्रांच में पत्रकारों से वार्ता में दी। डीएसपी क्राइम ने बताया कि जालंधर निवासी नमन और शुभम सहगल पकड़े न जाएं इसके लिए हर बार अलग-अलग बाइक से वारदात को अंजाम देते थे। यह बाइक भी वह चोरी करते थे और उसे कहीं छिपा देते थे। वारदात से पहले ये बाइक उठाते थे और वारदात को अंजाम देने के बाद इसे फिर से हीं छिपा देते थे।
वहीं दोनों नशे के आदि हैं, चेन स्नैच करने के बाद ये दोनों चेन को मंडी गोबिंदगढ़ साहिब निवासी गुदीप सिंह के पास देते थे। वह पहले चेन की फोटो व्हाट्सअप कर उसे भेजते थे। गुरदीप इसकी जांच करवाता था और फिर उनसे चेन लेकर उन्हें नशे की खेप देता था।
ऐसे हुई जान पहचान
नमन और शुभम दोनों पहली बार 2013 में 255 ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार किए गए थे। इसके बाद दोनों ने नशे की लत पूरी करने के लिए चेन स्नैचिंग की वारदात करनी शुरू की। इस दौरान पकड़े जाने पर दोनों को कपूरथला जेल भेजा गया। वहां जेल में उनकी मुलाकात अमरीक सिंह से हुई। उसी ने दोनों को गुरदीप का नंबर दिया। इसके बाद दोनों गुरदीप के संपर्क में आए। दोनों वारदात को अंजाम देने के बाद चेन गुरदीप को देते थे। वह इसके बदले में पैसे और नशा उन्हें देता था।
जालंधर में दर्ज हैं कई मामले
डीएसपी क्राइम पवन कुमार के अनुसार दोनों भाइयों पर जालंधर में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहां पुलिस ने दोनों को पहचान लिया था, इसलिए वहां वारदात करने की बजाय चंडीगढ़ आ गए। यहां आए हुए इन्हें अभी डेढ़ से दो महीना ही हुआ था। इसी समय दोनों ने 12 वारदात को अंजाम दे डाला। इनमें 7 गोल्ड चेन स्नैचिंग, एक सोने के टॉप्स स्नैच और चार वाहन चोरी की वारदात शामिल हैं। दोनों भाई सेक्टर-20 में पीजी में रहते हैं। पुलिस ने संबंधित थाना पुलिस को दोनों की पीजी वेरिफिकेशन से संबंधित रिपोर्ट भेजी है।