पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) और अन्य कॉलेजों में छात्र संघ चुनावों के दौरान छात्र संगठनों और नेताओं द्वारा जगह-जगह लगाए गए पोस्टरों से शहर की खूबसूरती को नुकसान पहुंचा। इस मामले में चंडीगढ़ पुलिस ने डिफेसमेंट एक्ट के तहत कुल 108 एफआईआर दर्ज की गई हैं। इससे पहले प्रशासन ने बताया था कि छात्र संघ चुनाव के दौरान डिफेसमेंट एक्ट के तहत 78 एफआईआर दर्ज की गई हैं।
शुक्रवार को चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से जिला मजिस्ट्रेट अजित बालाजी जोशी ने हलफनामा दायर कर हाईकोर्ट को बताया कि छात्र संघ चुनाव के दौरान प्रशासन ने डिफेसमेंट एक्ट के तहत शहर को तीन जोन में बांटकर जांच की थी। इस जांच के आधार पर तीनों जोन में 108 एफआईआर दर्ज की गईं। हलफनामे में बताया गया कि जोन-1 (सेक्टर-10, 11 और 15) में 7 सितंबर तक डिफेसमेंट एक्ट के उल्लंघन की 51 एफआईआर दर्ज की गई।
जबकि जोन-2 (सेक्टर-34, 36, 39 और 49) में 6 सितंबर तक 8 एफआईआर और जोन-3 (सेक्टर-19, 26, 31, मनीमाजरा, आईटी पार्क और इंडस्ट्रियल एरिया) में 28 अगस्त से पहले 2 और उसके बाद 7 सितंबर तक 17 एफआईआर दर्ज की गईं। हलफनामे में यह भी कहा गया कि हालांकि इस लिहाज से 78 एफआईआर दर्ज की गईं लेकिन एसएसपी कार्यालय द्वारा शहर प्रशासन को 108 एफआईआर दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई है। अब इन एफआईआर पर कार्रवाई की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि इस मामले पर पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पीयू और चंडीगढ़ प्रशासन से पूछा था कि छात्र संघ चुनावों के दौरान छात्र संगठनों ने शहर भर में सार्वजनिक संपत्तियों पर पोस्टर लगा दिए हैं। इनके खिलाफ डिफेसमेंट एक्ट के तहत क्या कार्रवाई की जा रही है? तब चंडीगढ़ प्रशासन ने हाईकोर्ट से कहा था कि डिफेसमेंट रोकने के लिए एसडीएम की अगुवाई में एनफोर्समेंट टीम बनाई गई है, जिसमें इस्टेट ऑफिस व अन्य विभाग सहयोग करेंगे।