मंगलवार को सुरेश ने दरवाजा बंद कर लिया। लक्ष्मण ने बताया कि मां ने सुरेश को खाना खाने के लिए आवाज लगाई लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद उन्होंने दरवाजा खटखटाया। लेकिन उसने दरवाजा नहीं खोला। बार-बार दरवाजा खटखटाने पर भी जब सुरेश ने दरवाजा नहीं खोला। तो वह दरवाजा तोड़कर अंदर घुसा।
इस दौरान सुरेश पंखे पर दुपट्टे के फंदे से लटका हुआ था। लक्ष्मण ने बताया कि सुरेश दो तीन दिन से परेशान चल रहा था। इस कारण किसी से बात भी नहीं कर रहा था। पुलिस ने भाई के बयान पर युवक का पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों के हवाले कर दिया।
दोस्त को घर लाना से रोकने से हो गया था नाराज
मृतक के भाई लक्ष्मण ने बताया कि कॉलोनी की एक 17 वर्षीय लड़की से सुरेश की दोस्ती थी। वह अकसर अपनी दोस्त को लेकर घर आता था। लक्ष्मण ने बताया कि कुछ रोज पहले वह और उसकी मां काम पर गए हुए थे। जबकि उसकी पत्नी घर पर अकेली थी। इस दौरान सुरेश अपनी गर्लफ्रेंड को लेकर घर आया। इस दौरान किसी पड़ोसी ने उसकी मां को बताया तो उन्होंने सुरेश को समझाया कि अभी लड़की नाबालिग है। इस पर सुरेश को डांटा दिया था। जिस कारण वह दो दिन से परिवार वालों से नाराज चल रहा था।
दो दिन से नहीं खाया खाना
लक्ष्मण ने बताया कि सुरेश रविवार से काम पर नहीं जा रहा था। पूछने पर उसने मन नहीं है की बात कही। वहीं उसने खाना भी नहीं खाया। जब उन्होंने कारण पूछा तो उसने कुछ नहीं बताया। सोमवार को भी सुरेश ने खाना नहीं खाया। पूछने पर उसने कोई जबाव नहीं दिया। उन्हें लगा कि शायद सुरेश की तबीयत खराब है। पता नहीं था कि वह ऐसा कदम उठा लेगा।
मृतक के दोस्त शुभम वर्मा, राहुल ने बताया कि सुरेश उन्हें रोज मिलता था। लेकिन रविवार से वह उन्हें नहीं मिला। रविवार को उन्होंने सुरेश के मोबाइल पर फोन किया। लेकिन उसका नंबर नहीं लगा। उसके बाद शाम को उन्होंने उसे करीब तीस बार कॉल ट्राई किया। लेकिन उसकी कॉल नहीं लगी। इस दौरान पता चला कि वह घर पर ही है। तो उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
टिकटॉक भी बंद किया
शुभम, लक्ष्मण ने बताया कि सुरेश को किसी प्रकार की परेशानी नहीं थी। वह स्वयं में ही व्यस्त और मस्त रहता था। हंसी मजाक करता रहता था। काम से लौटने के बाद वह टिक-टॉक बनाता था। वह अधिकांश अकेला समय टिक-टॉक पर एक्टिंग में गुजार देता था। वह उन्हें भी टिक-टॉक पर एक्टिंग करता और खुश रहता था। परिजनों द्वारा डांटने के बाद से वह से टिकटॉक पर वीडियो भी नहीं डाल रहा था।
सूचना पर पुलिस ने मौका मुआयना कर शव कब्जे में ले लिया। परिजनों ने किसी पर किसी प्रकार का कोई आरोप नहीं लगाया है। पुलिस ने इत्तेफाकिया कार्रवाई कर पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों को सौंप दिया है। पारस कुमार, चौकी इंचार्ज अर्जुन नगर।