दीपावली के मौके पर पटाखों और आतिशबाजी से करीब 187 लोग घायल हुए। इनमें से कई को गंभीर चोट आई हैं। पीजीआई के एडवांस आई सेंटर के मुताबिक उनके पास आंखों से संबंधित कुल 12 केस आए। इनमें से आधे से ज्यादा लोगों की आंखों को काफी गंभीर नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा पीजीआई में आग से बुरी तरह झुलसे तीन लोग भी पहुंचे।
जीएमएसएच-32 के मुताबिक इमरजेंसी में दीपावली की रात कुल 29 मामले सामने आए। इन मरीजों में नौ बच्चे भी शामिल थे। अधिकतर पटाखों से झुलसे थे।
सेक्टर 16 हास्पिटल में पहुंचे 123 घायल: सेक्टर 16 हास्पिटल के मुताबिक 23 अक्तूबर की रात कुल 123 लोग इमरजेंसी में आए। इनमें 90 लोग पटाखों से झुलसे थे। 34 लोगों की आंख में चोट लगी थी। इनमें से एक पेशेंट को पीजीआई में रेफर कर दिया गया था। इसी तरह से मनीमाजरा में कुल 20 पेशेंट आए।
जो देख रहे थे, वे सबसे ज्यादा घायल हुए: पीजीआई में आए 12 में से 10 केस ऐसे थे, जो पटाखे फोड़ नहीं रहे थे, बल्कि देख रहे थे। एडवांस आई सेंटर में दाखिल प्रिंस ने बताया कि वे पटाखे फोड़ते लोगों को देख रहे थे। अचानक बम विस्फोट हुआ और उसकी आंख में चोट लग गई। इसी तरह से सेक्टर 16 हास्पिटल में आए इलाज कराने आए कौशल ने बताया कि वह छत से नीचे आतिशबाजी देख रहे थे, तभी नीचे से आए राकेट उन्हें आंख के पास लग गया।
40 से ज्यादा बच्चों को सांस लेने में आई दिक्कत: आतिशबाजी और पटाखों के धुएं ने भी काफी नुकसान पहुंचाया। सेक्टर-16 हास्पिटल में दीपावली की रात में कुल 35 बच्चे आए जिन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। उन्हें नेबुलाइजर दिया गया। मनीमाजरा स्थित हास्पिटल में ऐसे तीन बच्चों को दाखिल किया गया। जीएमसीएच-32 में भी आधा दर्जन बच्चे दाखिल हुए थे।