दुधारू पशुओं में फैली लंपी स्किन बीमारी ने पंजाब में कहर मचाना शुरू कर दिया है। पंजाब के कई इलाके ऐसे हैं, जहां लंपी बीमारी बुरी तरह से फैल चुकी है। अगर लुधियाना की बात करें तो 1700 से ऊपर पशु बीमारी की चपेट में आ चुके हैं और 10 पशुओं की मौत हो चुकी है। पशु पालन विभाग ने भी इस बीमारी से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयारी कर ली है। जिन इलाकों में पशुओं की मौत हुई है, वहां पशु पालन विभाग की टीमें पहुंचीं और पशुओं का इलाज शुरू किया।
टीमें बीमार पशुओं और स्वस्थ पशुओं को अलग कर रही हैं, ताकि बीमारी पर काबू पाया जा सके। हालांकि कुछ पशु इस बीमारी से ठीक भी हो चुके हैं और कई का इलाज चल रहा है। पशु पालन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. परमदीप सिंह वालिया ने कहा कि जिले में करीब साढ़े छह लाख पशु हैं। 1700 पशु इस भयानक बीमारी की चपेट में हैं और उनका इलाज चल रहा है।
उन्होंने कहा कि 300 के करीब पशु पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं, जबकि 1400 पशुओं का इलाज चल रहा है। अब तक जो पशु बीमारी से बचे हुए हैं, उन्हें आगे बचाने के लिए वैक्सीन कारगर है। हमारे पास लंपी स्किन बीमारी से बचाव वाली गोट पॉक्स वैक्सीन की 5500 डोज आ चुकी हैं, पहले चरण में हम यह वैक्सीन उन स्थानों पर जाकर लगाएंगे, जहां बीमारी अधिक हैं।
रविवार को जिले में वैक्सीन को डिस्पैच कर दिया जाएगा। अफसर पशु पालकों के घर जाकर पशुओं को वैक्सीन लगाएंगे। वैक्सीन मुफ्त लगेगी। डॉ. परमदीप सिंह ने कहा कि वैक्सीन उन्हीं पशुओं को लगाई जाएगी, जो स्वस्थ हैं और वायरस की चपेट में नहीं आए हैं। बीमार पशुओं को वैक्सीन नहीं दी जाएगी, क्योंकि इससे उनकी हालत और खराब हो सकती है। ऐसे में पशु पालकों से अपील है कि अगर वह अपने स्तर पर भी वैक्सीन लगवा रहे हैं, तो स्वस्थ पशुओं को ही लगवाएं। गुरु अंगद देव वेटरीनरी एंड एनिमल साइंस यूनिवर्सिटी की ओर से लंपी स्किन बीमारी के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। यूनिवर्सिटी के पशु पालक टेली केंद्र की ओर से दो मोबाइल नंबर
6283297919 व
6283258834 जारी किए गए हैं। इन नंबरों पर पशु पालक बीमारी से बचाव को लेकर जानकारी ले सकते हैं।