चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चपरासी और क्लर्क की नौकरी लगवाने के नाम पर पीजीआई के 10 कर्मचारियों से 17 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ितों को जब नौकरी नहीं मिली तो उन्होंने रविवार दोपहर आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। सेक्टर-19 थाना पुलिस शिकायत के आधार पर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता मदनलाल (40) ने बताया कि वह नयागांव स्थित गोविंद नगर में परिवार के साथ रहते हैं और पीजीआई में हॉस्पिटल अटेंडेंट के रूप में काम करते हैं। उन्होंने बताया कि बीते मार्च महीने में उनकी पत्नी नयागांव में किराए का कमरा तलाश रही थी। इस दौरान उसका संपर्क एक स्थानीय निवासी से हुआ। आरोप है कि उक्त व्यक्ति ने खुद को हाईकोर्ट के जज का पर्सनल असिस्टेंट (पीए) बताकर उसकी पत्नी को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चपरासी की नौकरी लगवाने की बात कही और 70 हजार रुपयों की मांग की। इसके बाद आरोपी ने मदनलाल की पत्नी से कागजात लेकर उसे भी हाईकोर्ट में क्लर्क की नौकरी पर लगवाने का झांसा दिया। आरोप है कि धीरे धीरे कर आरोपी को उन्होंने करीब 3.50 लाख रुपये दे दिए। वहीं खुड्डा लाहौरा निवासी पीजीआई कर्मचारी सतीश कुमार ने बताया कि उक्त व्यक्ति ने उसे भी हाईकोर्ट में क्लर्क की नौकरी लगवाने का झांसा देकर दो लाख रुपये की धोखाधड़ी की है। आरोपी के झांसे में आकर मदनलाल ने पीजीआई में कार्यरत नौ और लोगों का संपर्क उससे करवा दिया। आरोप है कि उसने सभी को इसी तरह झांसा देकर करीब 17 लाख रुपये ऐंठ लिए लेकिन उसने न तो उनकी नौकरी लगवाई और न ही रुपये लौटाए। रविवार को जब वह सेक्टर-19 में किसी से रुपये लेने पहुंचा तो शिकायतकर्ता समेत अन्य पीड़ितों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ करने में जुटी हुई है।