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सांसारिक मोह छोड़ वैराग्य लेंगी 16 साल की तान्या, ऐसे लगी साधना...इनसे मिली प्रेरणा

Wed, 06 Feb 2019 05:49 AM IST
संदीप भट्ट न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लुधियाना (पंजाब)
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तान्या जैन
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16 वर्ष की जिस उम्र में बच्चे अपने भविष्य के लिए योजनाएं बनाते हैं वहीं लुधियाना निवासी तान्या जैन इस आयु में सांसारिक सुखों का त्याग कर वैराग्य का चोला पहनने जा रही हैं। तान्या जैन कहती हैं कि यह सांसारिक जीवन सिर्फ मोह माया के जाल में फंसा है। जब वह बचपन में गुरुजनों के सान्निध्य में आईं तब जीवन के सही लक्ष्य का पता चला। 

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नौ फरवरी को जैन धर्म के नियमों के अनुसार रायकोट स्थित एसएस जैन स्थानक में उनकी मेहंदी की रस्म होगी। 10 फरवरी को दीक्षा की रस्म होगी। तान्या अभी दसवीं कक्षा की छात्रा है। तान्या की बड़ी बहन मुस्कान उर्फ प्रतिष्ठा भी 2015 में वैराग्य जीवन धारण कर चुकी हैं। बड़ी बहन के वैराग्य को देखते ही तान्या इस तरफ अग्रसर हुई हैं। 

तीन में दो बेटियां ने अपना वैराग्य 
लुधियाना निवासी अमरीक सिंह छोटे कारोबारी हैं। उनकी तीन बेटियां हैं। जब बड़ी बेटी मुस्कान उर्फ प्रतिष्ठा तीसरी में और तान्या पहली कक्षा में पढ़ रही थी तभी उनके जानकार जिनेंद्र जैन के घर में साध्वीगणों का आना हुआ। दोनों बहनों में बचपन से ही जैन धर्म के नियमों की पालना करने की अद्भुत क्षमता थी। इसे देखकर जैन साध्वीगण भी प्रभावित हुईं। 

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इसके बाद जैन साध्वीगण दोनों बहनों को लेकर उन्हें रायकोट स्थित जैन स्थानक आ गई। जैन स्थानक रायकोट में ही दोनों बहनों ने अपनी शिक्षा जारी रखी।  मुस्कान ने आठवीं कक्षा तक अपनी शिक्षा पूरी की और इसके बाद वैराग्य चोला अपना लिया। बड़ी बहन द्वारा वैराग्य दीक्षा लेने का प्रभाव तान्या पर भी पड़ा।

आखिरकार उन्होंने भी फैसला लिया कि वह भी वैराग्य दीक्षा लेगी। सांसारिक सुखों का त्याग करते तान्या गुरुणी सुमन की शिष्या के रूप में दीक्षा ग्रहण करेंगी। तान्या की केसर रस्म 27 जनवरी को रायकोट स्थित जैन स्थानक में हो चुकी है। 

जैन धर्म के बारे में लिया पूरा ज्ञान 
तान्या ने जैन धर्म के संबंध में पूरा ज्ञान हासिल किया। दीक्षा लेने से पहले जैन धर्म के संबंध में एक परीक्षा भी पास की। इसके बाद दीक्षा देने का फैसला लिया गया। तान्या प्रतिक्रमण, कर्मग्रंथ, नवत्व, 65 बोल, भक्तमाल स्त्रोत, सुखविपाक, गुणस्था और कंठस्थ का अध्ययन कर चुकी है।
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