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चाइल्ड वलेफेयर कमेटी की चेयरपर्सन को धमकाने का मामला

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चेयरपर्सन को धमकाने के मामले में पूर्व मेयर के पति को मिली अंतरिम जमानत
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- चाइल्ड वलेफेयर कमेटी की चेयरपर्सन को धमकाने का मामला
- कोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाते हुए कहा कि 22 दिन इंक्चायरी करने में क्यों लगाए
- केस में इंक्वायरी ऑफिसर और इंनवेस्टीगेशन एक को बनाने पर कोर्ट ने लगाई फटकार

अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। हरियाणा राज्य कमीशन फार प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट की चेयरपर्सन वंदना गुप्ता को धमकी देने के मामले में पूर्व मेयर के पति धनेंद्र आहलुवालिया की अंतरिम जमानत मंजूर कर ली गई है। सुनवाई के दौरान जिला अदालत ने पुलिस अफसरों को जमकर फटकार लगाई। जिला अदालत ने सुनवाई करते हुए कहा कि जब शिकायत पहले दी गई थी तो मामले की जांच कर केस दर्ज करने में 22 दिन कैसे लग गए। कोर्ट ने जब पूछा कि मामले के इंक्वायरी ऑफिसर और इनवेस्टीगेशन ऑफिसर कौन है तो बताया गया कि दोनों जिम्मेदारी एएसआई यशपाल सिंह को मिली हुई है। इस पर कोर्ट ने इंस्पेक्टर को फटकार लगाते हुए कहा कि आप को अपनी नौकरी प्यारी नहीं है। इस मामले में इंक्वायरी आफिसर और इनवेस्टीगेशन ऑफिसर दोनों अलग-अलग होने चाहिए थे। इस तरह की गलती दोबारा नहीं होनी चाहिए। इसके बाद कोर्ट में बहस के दौरान वरिष्ठ वकील सुरेश रोहिला ने कहा कि इस मामले में हमारे क्लाइंट को अंतरिम जमानत दी जाए। इस पर कोर्ट ने कहा कि धमकी देने वाली धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है, तो जमानत कैसे दी जा सकती है। इस पर कोर्ट में वकील की ओर से कहा गया कि मौके पर उपस्थित कर्मचारी सीमा ने अपने बयान में धमकी देने की कोई बात नहीं कही है। इस पर कोर्ट ने अंतरिम जमानत देते हुए मामले की अगली सुनवाई 10 अक्तूबर मुकर्रर की है।
पंचकूला की पूर्व मेयर उपेन्द्र आहलुवालिया के पति धनेंद्र आहलुवालिया की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ एडवोकेट सुरेश रोहिला ने बताया कि धनेंद्र के खिलाफ सात सितंबर को शिकायत दी गई थी जबकि 29 सितंबर को मामला दर्ज हुआ था।
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एडवोकेट ने बताया कि चाइल्ड वेलफेयर कमेटी चेयरपर्सन वंदना गुप्ता की ओर से पूर्व मेयर उपेन्द्र आहलुवालिया के खिलाफ पहले पांच सितंबर को शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन उसमें सिर्फ डीडीआर ही कटने से वंदना गुप्ता को तसल्ली नहीं हुई। उन्होंने रंजिशन सात सितंबर को सेक्टर पांच थाने में धनेंद्र आहलुवालिया के खिलाफ धमकी देने की शिकायत दे दी।

अंतरिम जमानत में सीमा के बयान का मिला फायदा
एडवोकेट ने अदालत में अपनी दलील देते हुए कहा कि चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की चेयरपर्सन ने शिकायत में लिखा था कि जब धनेंद्र आहलुवालिया ने उसके कार्यालय में आकर गाली-गलौच की और धमकी दी। उस वक्त कार्यालय में काम करने वाली सीमा मौजूद थी, लेकिन सीमा ने मामले की जांच के दौरान पुलिस को दिए बयान में कहा है कि जब वह कार्यालय पहुंची तो आहलुवालिया बाहर निकल रहे थे। सीमा के सामने शिकायत संबंधी कोई घटना नहीं हुई।
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क्या था मामला....
भाजयुमो के उपाध्यक्ष अमित गुप्ता की ओर से सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए आपत्तिजनक वीडियो को लेकर पूर्व मेयर के पति और वंदना गुप्ता के बीच मामला दर्ज करने की बात पर विवाद शुरू हुआ था। धनेंद्र आहलुवालिया के खिलाफ वंदना गुप्ता ने धमकी देने की धाराओं के तहत सेक्टर -5 थाने में पुलिस को शिकायत दे दी थी। शिकायत में आरोप लगाते हुए कहा था कि पूर्व मेयर के पति ने उनके कार्यालय में आकर गाली-गलौच कर उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी। पुलिस की ओर से 29 सितंबर को धनेंद्र के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया था।
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