सेक्टर-पांच शालीमार ग्राउंड में पांच दिन तक चलेगा दशहरा महोत्सव
- 215 फुट ऊंचे रावण के आगे नहीं टिकेगा कोई ओर रावण
- सेक्टर-पांच शालीमार ग्राउंड में पांच दिन चलेगा दशहरा महोत्सव
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। देश का सबसे बड़ा रावण देखने के लिए इस बार पूरी ट्राइसिटी के अलावा हरियाणा पंजाब के विभिन्न जगहों से लोग पंचकूला पहुंचेंगे। पंचकूला में पहली बार 215 रावण जलेगा। इस रावण को बनाने का काम पूरे जोरों पर चल रहा है। रावण के दोनों पैरों की 30-30 फुट की जूतियां बनकर तैयार हो चुकी है। साथ ही 60 फुट लंबी तलवार भी बन चुकी है। इसके अलावा हाथ और मुकुट भी अंतिम चरण में है। इस दशहरा महोत्सव का आयोजन श्री माता मनसा देवी चैरिटेबल ट्रस्ट, आदर्श रामलीला ड्रामाटिक क्लब पंचकूला और श्रीराम लीला क्लब बराड़ा की ओर से संयुक्त तौर पर किया जा रहा है।
पंचकूला में पहली बार पांच दिवसीय दशहरा महोत्सव मनाया जाएगा, जिसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम, कवि सम्मेलन एवं पंजाबी कलाकार भी आएंगे। श्रीमाता मनसा देवी पूजास्थल बोर्ड के महासचिव संदीप गुप्ता ने बताया कि तीनों कमेटियों ने पहली बार मिलकर ने फैसला किया है कि हर साल परेड ग्राउंड में लोगों की भीड़ अधिक होती, इसलिए बड़े ग्राउंड की जरूरत को समझते हुए शालीमार ग्राउंड में दशहरा समारोह एवं रामलीला का मंचन करने का निर्णय किया गया। गुप्ता ने बताया कि कई साल से अंबाला के बराड़ा में सबसे लंबा रावण का पुतला जलाया जाता है। इसे हर साल पांच फीट ऊंचा कर दिया जाता है। इस बार सेक्टर-पांच में हरियाणा शहरी विकास प्राधीकरण के शालीमार ग्राउंड में रावण का सबसे ऊंचा पुतला जलेगा।
इस रावण को खड़ा करने के लिए लोहे का स्टैंड बनाया जा रहा है। इसके अलावा बांस से कुछ स्पॉट भी दी जाएगी। इसके लिए कुछ सप्ताह से बराड़ा में काम चल रहा था, लेकिन अब सेक्टर-पांच राजहंस सिनेमा के पीछे बनाया जा रहा है। रावण की जूतियों में कई कलर दिए गए हैं। तलवार भी बहुत आकर्षक है। लगभग 60 फुट लंबी तलवार को लोहे और बांसों के सहारे बनाया गया है।
बराड़ा के तजिंदर चौहान की टीम काम कर रही है। देश का सबसे बड़ा रावण अंबाला के बराड़ा में जलाया जाता था, लेकिन इस बार इस रावण को यहां पंचकूला में जलाया जाएगा। श्री माता मनसा देवी चैरिटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन विष्णु गोयल, प्रधान सतपाल गर्ग, महासचिव संदीप गुप्ता और आदर्श रामलीला एवं ड्रामाटिक क्लब पंचकूला की क्लब के प्रधान रमेश चड्ढा, वाइस चेयरमैन सुभाष पपनेजा, महासचिव लीलाधर सचदेवा, निर्देशक पवन शर्मा व विजय सक्सेना, वरिष्ठ उपप्रधान ज्ञान सिंह, श्रीराम लीला क्लब बराड़ा के तेजिंद्र चौहान ने इस महोत्सव की तैयारियों में जुटे हुए हैं। इस महोत्सव के दौरान लगभग 50 से 60 लाख रुपये खर्च होने की संभावना है।
आमतौर पर रावण दहन से एक दिन पहले ही पुतलों को मैदान में लाया जाता है। इसके बाद शाम तक उसे पूरी तरह से खड़ा किया जाता है। इस बार ट्राईसिटी के लोगों के लिए रावण के पुतले को एक या दो दिन नहीं, बल्कि पांच दिन पहले ही खड़ा कर दिया जाएगा। इसका शृंगार और बाकी का काम पंचकूला सेक्टर-5 में किया जाएगा। इसके लिए आखिरी टच देने वाले कारीगर दशहरे से पहले आएंगे। बाकी कारीगर एक हफ्ते में ही पंचकूला में पहुंच जाएंगे। ट्राईसिटी के लोगों के लिए ये पहला मौका होगा जब इतना बड़ा रावण दहन होगा। भीड़ भी ज्यादा होगी। इसके लिए एरिया भी ज्यादा चाहिए।