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घग्गर की सफाई के लिए शुरू हुई मुहिम

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‘बीट द प्लास्टिक’ से होगी घग्गर की सफाई
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- 100 किलोग्राम से अधिक निकाला गया प्लास्टिक कचरा, ‘बीट द प्लास्टिक’ मुहिम के तहत शुरू हुई पहल
- 100 से अधिक स्कूली बच्चे और स्वयंसेवी संस्थाओं के सदस्य शामिल हुए स्वच्छता अभियान में

अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। अब घग्गर का पानी भी पहले की तरह स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त होगा। घग्गर नदी को प्लास्टिक सहित अन्य प्रदूषक तत्वों से मुक्त करने की मुहिम शुरू कर दी गई है। हरियाणा के पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन विभाग ने स्वयंसेवी संस्था, स्कूलों सहित स्थानीय स्वयंसेवियों के सहयोग से बुधवार को घग्गर नदी से करीब 100 किलोग्राम से अधिक प्लास्टिक व अन्य कचरे को बाहर निकाला गया। नदी को साफ और स्वच्छ बनाने की इस मुहिम में पहले दिन स्कूली बच्चे, कालोनी वासियों, विभागीय कर्मियों और अधिकारियों सहित करीब 125 लोग शामिल हुए।
संयुक्त राष्ट्र संघ की ओर से इस बार ‘बीट द प्लास्टिक’ थीम पर दुनिया भर की नदियों और बीच को स्वच्छ बनाने की मुहिम में भारत को मेजबानी का मौका दिया गया। पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग ने एनजीओ इनवॉयरमेंट सोसाइटी ऑफ इंडिया, पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज, स्कूलों सहित अन्य संस्थाओं और स्थानीय लोगों की मदद से घग्गर को प्लास्टिक मुक्त कर स्वच्छ बनाने की दिशा में पहल की गई है। पांच जून को पर्यावरण दिवस के मौके पर एक खास कार्यक्रम का भी आयोजन किया जाएगा।
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पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. आरके चौहान ने बताया कि इस मुहिम के तहत हरियाणा में घग्गर को प्लास्टिक फ्री बनाने की शुरुआत की गई है। वहीं, आसपास मौजूद लोगों को बताया गया कि पूजा-अर्चना के बाद अगर नदी में अवशेषों को प्रवाहित करते हैं तो इसमें भी ध्यान रखें कि प्लास्टिक न डालें। इसके लिए आसपास डस्ट बिन्स लगवाने सहित साफ-सफाई के बाद आसपास पौधारोपण भी किया जाएगा। सेक्टर-21 से नाडा साहिब जाने के रास्ते पर बने पुल के बीच करीब ढाई किलोमीटर के दायरे में साफ-सफाई की जाएगी।

खतरनाक केमिकल्स से कैंसर का भी खतरा
डॉ. चौहान ने बताया कि प्लास्टिक के पानी में मिलने से बिसफिनॉल और टेरा सैथिलेट सहित कई खतरनाक रसायन निकलते हैं। इन केमिकल्स से कैंसर सहित त्वचा रोग व अन्य बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। नदियों में प्लास्टिक की मौजूदगी से लोगों के साथ साथ पशुओं पर भी बुरा प्रभाव पड़ने की आशंका बनी रहती है।

प्लास्टिक का सड़क बनाने में होगा इस्तेमाल
संयुक्त निदेशक डॉ. आरके चौहान ने बताया कि प्लास्टिक कचरे को रिसाइकिल किया जाता है, लेकिन अब सड़कों को बनाने में प्लास्टिक के इस्तेमाल पर विचार किया जा रहा है। चंडीगढ़ के सेक्टर-32 में एक ऐसी सड़क भी बनाई गई है, जिसे पंचकूला सहित हरियाणा के अन्य शहरों में भी शुरू करने की योजना है।

प्लास्टिक बैंक भी बनाने की कवायद
एनवायरमेंट सोसाइटी ऑफ इंडिया के जनरल सेक्रेटरी एनके झिंगन ने बताया कि स्कूलों के साथ मिलकर प्लास्टिक बैंक बनाने की दिशा में पहल की जा रही है। इसके तहत स्कूलों में बच्चों की ओर से घरों का साफ-सुथरा प्लास्टिक इकट्ठा किया जाएगा। इसे बाद में सड़क बनाने में इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि वेस्ट का उचित इस्तेमाल हो सके।
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मिथेन गैस पैदा होने का भी खतरा
एनके झिंगन ने बताया कि प्लास्टिक वेस्ट अगर कुछ समय तक जमीन और पानी के इर्द-गिर्द रहे तो इससे मिथेन गैस का भी खतरा बढ़ जाता है। घग्गर को प्लास्टिक मुक्त बनाने के पीछे यह भी वजह है ताकि मिथेन सहित दूसरे गैस पैदा न हो सके। अगर, समय रहते प्लास्टिक कचरे को नियंत्रित नहीं किया गया तो आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
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