जनरल अस्पताल में घंटों लाइन में धक्के खाने के बाद भी नहीं मिल रही मरीजों को बेसिक मेडिसिन
- सरकारी अस्पताल में मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना के तहत मरीजों को दी जाती है दवा
- मरीजों ने कहा - मोरनी से इलाज के लिए डेढ़ घंटे पैदल चले, फिर गाड़ी मिली, अस्पताल पहुंचे तो इलाज के बाद नहीं मिला दवा
दीपक शाही
पंचकूला।
सेक्टर-छह के जनरल अस्पताल में रोजाना इलाज के लिए आने वाले हजारों मरीजों को मेडिसिन नहीं मिल रही है। अस्पताल में जांच के बाद मेडिसिन के लिए घंटों लाइन में खड़े होने के बाद भी अस्पताल की डिस्पेंसरी में तैनात मुलाजिम कहते हैं कि मेडिसिन डिस्पेंसरी में उपलब्ध नहीं है, बाहर से खरीद लें। यहां तक बुखार, बीपी, गैस, हार्ट, थायराइड की बीमारी से जुड़ी बेसिक मेडिसिन भी मरीजों को बाहर से खरीदनी पड़ रही है। बता दें कि अस्पताल में मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना के तहत मरीजों को मेडिसिन दी जाती है। इस सरकारी अस्पताल में रोजाना इलाज के लिए करीब चार हजार मरीज आते हैं।
बजट नहीं, कैसे खरीदें मेडिसिन:
अस्पताल के अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मार्च से मेडिसिन के लिए फंड नहीं मिला है। वहीं स्वास्थ्य कर्मियों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि डिस्पेंसरी के स्टोर रूम के अधिकतर मेडिसिन समाप्त हो चुके हैं। जिन कंपनियों से अस्पताल की डिस्पेंसरी के लिए मेडिसिन खरीदी जाती है, वह टेंडर के बाद समय से पैसा नहीं मिलने के मेडिसिन की सप्लाई बंद कर दी है। नतीजा मरीजों बेसिक दवा के लिए भी धक्के खाने पड़ रहे हैं।
मेडिसिन के लिए मरीज खा रहे धक्के
मेडिसिन का नाम बीमारी
- पीसीएम टैबलेट बुखार
- एल्ट्राकसिन थायराइड
- ओमिप्राजोल गैस
- इकोस्प्रिन हार्ट
- कफ सिरप कफ के लिए
- फालबिटामोल सांस के लिए सिरप
- टेल्मीसाल्टन 40एमजी बीपी
- सिपेक्जाइन एंटीबायटिक न सिरप टैबलेट
- सिप्रोफोक्साक्सिन(500एमजी) एंटीबायोटिक
- एमोक्सिक्लेव 625 एमजी-मेन डिस्पेंसरी में एवलेबल नहीं है-एंटीबायोटिक
- एल्प्रेक्स नींद की दवाई नहीं है
- एंटासिड सिरप गैस
- एनालाप्रिल बीपी
- डाइक्लोपैरा दर्द, बुखार के लिए