मानेसर जमीन घोटाला:
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को मिली जमानत
- पांच-पांच लाख के भरे गए दो जमानत पत्र, पेन ड्राइव में सौंपी 80 पेजों के चालान की कॉपी
- पहली बार अदालत में पेश हुए पूर्व सीएम को 80 हजार पेजों का चालान पेन ड्राइव में सौंपा गया
- कोर्ट के बाहर रोहतक सांसद, पूर्व स्पीकर और विधायक सहित कांग्रेसी नेता रहे मौजूद
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
करीब 1500 करोड़ के मानेसर जमीन घोटाला के आरोपी और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को मंगलवार को सीबीआई की विशेष अदालत से जमानत मिल गई। जमानत के लिए 5-5 लाख रुपये के दो जमानत पत्र भरे गए। अदालत ने पूर्व मुख्यमंत्री को बगैर इजाजत विदेश यात्रा न करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले में पहली बार अदालत में पेश हुए भूपेंद्र सिंह हुड्डा को 80 हजार पेजों का चालान पेन ड्राइव में सौंपा गया। मामले की अगली सुनवाई 31 मई को होगी।
मानेसर, लखनौला और नौरंगपुर के किसानों को अधिग्रहण का भय दिखाकर उनसे करोड़ों की जमीन हड़पने और बिल्डरों को सस्ती कीमत पर बेचने के आरोप में पूर्व मुख्यमंत्री समेत 34 के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इनमें तत्कालीन आईएएस अधिकारी भी थे, जिन पर करोड़ों रुपये के घोटाले में साठगांठ का आरोप है।
इस मामले में चार्जशीट फाइल करने के बाद हुई पिछली सुनवाई पर आरोपी तत्कालीन आईएएस एमएल तायल, एसएस ढिल्लो, छतर सिंह सहित अन्य अधिकारियों को पहले ही जमानत मिल चुकी है। खराब सेहत की वजह से हुड्डा पिछली बार सुनवाई पर नहीं पहुंच सके थे।
सुबह करीब 9.30 बजे हुड्डा अदालत के समक्ष पेश हुए। अदालत में पांच-पांच लाख रुपये के दो जमानत पत्र भरे गए। घोटाले के इस मामले में एक आरोपी को निजी कारणों से पेशी से छूट दे दी गई जबकि अन्य सभी आरोपियों की भी जमानत मिल दे दी गई, जिनमें अधिकतर बिल्डर हैं।
दूसरी ओर सुबह पूर्व सीएम के अदालत में पहुंचने की सूचना पर कोर्ट के बाहर कांग्रेस के नेताओं का जमावड़ा लगना शुरू हो गया। पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा, पूर्व विधायक करण दलाल, एएस दांगी, जयप्रकाश, ललित नागर, डॉ. रघुवीर कादियान सहित करीब 10 पूर्व विधायक और मंत्री भी अदालत के बाहर जमानत याचिका के फैसले का इंतजार करते रहे। इस दौरान पूर्व सीएम के पुत्र और रोहतक सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा भी अदालत के बाहर मौजूद रहे और जमानत मिलते ही सभी कांग्रेसी नेताओं के चेहरे पर खुशी दिखी।
बचाव पक्ष के वकील अर्शदीप सिंह चीमा ने बताया कि पांच-पांच लाख रुपये के दो श्योरिटी बांड पर जमानत मिल गई है। इसके अलावा 80 हजार पेज की चार्जशीट भी सौंप दी गई है। अदालत की ओर से हुड्डा को बगैर इजाजत देश से बाहर न जाने के निर्देश दिए हैं।
कानूनी और राजनीतिक लड़ाई के लिए तैयार: हुड्डा
जमानत मिलने के बाद अदालत से बाहर निकलने पर पूर्व मुख्यमंत्री ने मीडिया से कहा कि यह मामला राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है और मुझे गलत फंसाया गया है। कानून पर मुझे पूरा विश्वास है, कानूनी लड़ाई अदालत में जबकि राजनीतिक लड़ाई सड़कों पर लडूंगा