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पेंशन के लिए सुबह सात बजे से लगते है लाइन में बुजुर्ग

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मजबूरी है साहब..नहीं तो पेंशन के लिए धक्के कौन खाए
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- पेंशन के लिए सुबह सात बजे से ही डाकघर में लग जाती है बुजुर्गों की लाइन
- डाकघर में कर्मचारियों की कमी के कारण पेंशन मिलने में आ रही समस्या

अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
सर्दी के मौसम में सुबह के सात बजते ही सेक्टर-15 के डाकघर के बाहर पेंशन के लिए बुजुर्गों की लाइन लगनी शुरू हो जाती है। वजह है सुबह के नौ बजे खुलने वाले डाकघर में पिछले कई दिनों से सर्वर का बंद होना। वहीं, अब सर्वर शुरू होने के बाद तीन माह से पेंशन न मिलने पर बुजुर्गों में भय है कि कहीं उनकी पेंशन रोक न ली जाए। क्योंकि सरकारी नियम के मुताबिक यदि तीन माह तक पेंशन न ली जाए तो यह वापस सरकार के खाते में चली जाती है।
कुछ बुजुर्गों का कहना है कि कर्मचारी पेंशन बांटने के लिए समय पर नहीं आते हैं। वे सुबह से दो बजे तक लाइन में खडे़ रहते हैं और दो बजे तक जब उनका नंबर आता है तो डाक कर्मी, पुलिस का सहारा लेकर उन्हें वापस भेज देते हैं।
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बता दें कि बुजुर्गों, विकलांगों, विधवाओं आदि कई वर्गों के लोगों को सरकार पेंशन दे रही है। ये पेंशन या तो डाकघरों में खोले गए खातों में जा रही है या फिर इसे बैंक खातों में डाला जा रहा है। पहले डाकिए पेंशन घर-घर पहुंचाते थे। अब केवल अस्सी साल से ऊपर की आयु वाले बुजुर्गों के घर ही डाकिए पेंशन पहुंचा रहे हैं। ऐसे में 60 से लेकर 79 साल तक के बुजुर्गों को खुद ही डाकघरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

डाकघर में पेंशन बांटने के लिए केवल एक कर्मी:
पंचकूला के इंडस्ट्रियल एरिया डाकघर में केवल एक ही कर्मचारी है। वहीं, सेक्टर-15 के डाकघर में इंडस्ट्रियल एरिया, सेक्टर-19, बलटाना, वुडनपुर, राजीव कालोनी, इंदिरा कालोनी व सेक्टर-15 के बुजुर्ग पेंशन लेते हैं। जिनकी जिम्मेदारी केवल एक कर्मचारी पर है। जबकि सेक्टर-15 के डाकघर में पेंशन दी जा सकती है।

चक्कर खाकर गिर जाते हैं बुजुर्ग:
बलटाना निवासी 77 साल के वासुदेव बजाज सुबह से लाइन में लगे होने के कारण चक्कर खाकर गिर गए। उन्होंने बताया कि कई दिनों से पेंशन के लिए आ रहा हूं रोज लाइन में लगता हूं लेकिन आज तक पेंशन नहीं मिली।

कौन लेना चाहता है ऐसी पेंशन, लेकिन मजबूरी है
सेक्टर-19 निवासी शकुंतला ने बताया कि ऐसी पेंशन कौन लेना चाहता है, जिसमें धक्के खाने पड़े, लेकिन मजबूरी है। तीन दिन हो गए पेंशन के लिए धक्के खाते हुए और भीड़ देखकर लगता है कि आज भी नहीं मिलेंगी।

ऑपरेशन के बावजूद लाइन में लगना पड़ रहा:
सेक्टर-19 की राजवंती ने बताया कि मेरे गाल ब्लेडर में पथरी का ऑपरेशन हुआ था। कल लाइन में लगी तो चक्कर खाकर गिर गई। आज अपने पति को साथ लेकर आई जो लाइन में लगे लेकिन डाक कर्मचारी कहते हैं कि आपको ही लाइन में लगना है। तभी पेंशन मिलेंगी।

नंबर आने तक काउंटर बंद हो जाता है:
दिव्यांग गिरधारी लाल ने बताया कि रोज सुबह आता हूं। एक टांग न होने बावजूद खड़ा रहता हूं लेकिन नंबर आने तक काउंटर बंद हो जाता है। जिस वजह से खाली हाथ वापस जाना पड़ता है।
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कर्मचारी के लेेट आने का मामला मेरे संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराकर कार्यवाही की जाएगी। सेक्टर-15 के डाकघर में एक कर्मचारी की शादी है वो छुट्टी पर गई है। सेक्टर-8 के डाकघर से एक कर्मचारी की नियुक्ति सेक्टर-15 के डाकघर में कर दी गई जल्दी ही वो चार्ज ले लेगा उसके बाद डाकघर में भी पेंशन बांटने का काम शुुरू हो जाएगा। पेंशन धारक किसी भी डाकघर से पेंशन ले सकते हैं। - पंकज जैन, एएसपी, हेड क्वार्टर, अंबाला।
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