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एक हफ्ते से माजरा महताब में मादा तेंदुए की दहशत
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अमर उजाला ब्यूरो
कालका।
माजरा महताब गांव में लगभग एक हफ्ते से मादा तेंदुए की दहशत से लोगों में भय का माहौल है। तेंदुए की दहशत के कारण लोग देर शाम बाजार में निकलने व बच्चों को खेलने के लिए बाहर भेजने से गुरेज कर रहे हैं। इतना ही नहीं चरवाहे भी तेंदुए के डर से अपने पशुओं को चराने के लिए नहीं निकल रहे। जानकारी देते हुए अशोक कुमार ने बताया कि उनका माजरा महताब नजदीक बाबा बढ़भाग सिंह गुरुद्वारे के पास घर है। करीब हफ्ताभर (29 सितंबर) पहले वह शाम को अपनी पत्नी के साथ शाम साढ़े छह बजे मोटरसाइकिल पर घर आ रहे थे कि कुछ ही मीटर की दूरी पर एक जानवर बैठा दिखा। मोटरसाइकिल की लाइट पड़ी तो देखा कि घर से करीब 15 मीटर की दूरी पर एक तेंदुआ बैठी थी। उन्होंने घर के पास मोटरसाइकिल खड़ी कर घटना की जानकारी कालका पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आनन-फानन में वाइल्ड लाइफ के कर्मचारियों बुलाया गया। इस दौरान रात को वह करीब साढ़े सात घंटे तक वहीं बैठी रही और वन विभाग के कर्मी कुछ न कर पाए।

रातभर वाइल्ड लाइफ के कर्मी तेंदुए को नहीं पकड़ पाए
अशोक कुमार ने बताया कि रात करीब साढ़े नौ बजे वाइल्ड लाइफ कर्मी दो गाड़ियों पर सवार होकर मौके पर पहुंचे। उनके पास शार्ट गन व पिंजरा भी था, इस बीच तेंदुआ उसी स्थान पर कई घंटों तक मौजूद रही। लेकिन कर्मी तेंदुए को पकड़ने में पूरी तरह असमर्थ दिखे। अशोक ने आरोप लगाया कि वाइल्ड लाइफ कर्मियों ने पहले तो कहा कि डॉक्टर आएगा, जो इसे बेहोशी का इंजेक्शन देगा। तभी इस पर काबू पाया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि इस बीच करीब एक घंटे के बाद डाक्टर भी आ गया। लेकिन फिर उन्होंने अपने उच्च अधिकारी के आने की बात कही। कुछ समय बाद वह भी पहुंच गए। इसके बाद भी कोई कार्रवाई न हो सकी। अशोक ने दोबारा पूछा कि अब क्यों नही पकड़ रहे तेंदुए को। इस पर उन्होंने पल्ला झाड़ते हुए कहा कि आप फिक्र मत न करें, हम आपकी सुरक्षा के लिए खड़े हैं। सुबह हम इसे काबू कर लेंगे। वहीं वाइल्ड लाइफ कर्मी अशोक कुमार के घर की छत से तेंदुए की निगरानी में जुट गए। इस बीच रात के तीन बज गए और अशोक कुमार सोने चले गए। उधर, सुबह तड़के जब आंख खुली तो उन्होंने कर्मियों से उक्त तेंदुए के बारे में पूछा। इस उनका जवाब था कि वह साथ लगती झाड़ियों से होकर कहीं भाग गई है। उन्होंने बताया कि अगले दिन भी केवल खानापूर्ति के लिए वाइल्ड लाइफ कर्मी आए। अशोक ने बताया कि दूसरे दिन गांव वालों को भी दिन के समय तेंदुआ दिखी, जिसके साथ दो छोटे बच्चे भी थे। उन्होंने बताया कि घटना के तीसरे दिन उनके घर से कुछ दूरी पर स्थित पोल्ट्री फार्म के पास भी उन्हें वह मादा तेंदुआ दिखी।
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किराए का मकान तलाश रहे हैं
अशोक कुमार ने बताया कि वह अपने बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी व तीन वर्षीय बच्ची के साथ रहते हैं। तेंदुआ दिखने के बाद से घर के सभी सदस्य सहमे हुए हैं। जिसके चलते उन्हें मजबूरन किराए का मकान तलाशना पड़ रहा है। शुक्रवार को भी अशोक कुमार किराए का मकान तलाशने के लिए दर-दर भटकते दिखे।

कालका विधायक व अधिकारियों को भेजी शिकायत
अशोक कुमार ने बताया कि उन्होंने वाइल्ड लाइफ कर्मियों लापरवाही भरे रवैये व उस रात हुए पूरे वाकये की शिकायत उच्च अधिकारियों व कालका विधायक लतिका शर्मा को भेजी है।
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कोट
वह मादा तेंदुआ थी, उसके साथ 2 बच्चे भी थे। लोगों के साथ साथ मादा तेंदुआ के बच्चों को भी बचाना जरूरी था। हमारी टीम के वहां पहुंचने के कुछ देर बाद ही वह जंगलों की तरफ चली गई। इसके बाद पुलिस के साथ लगातार तीन दिन निगरानी की गई है। इस दौरान कोई भी वन्य प्राणी वहां नहीं आया।
-जयवीर वाइल्ड लाइफ इंस्पेक्टर।
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