कमिश्नर के बाद 24 घंटे में बदल दिए ज्वाइंट कमिश्नर
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
नगर निगम के कमिश्नर से चार्ज वापस लेने के महज 24 घंटे के अंदर ज्वाइंट कमिश्नर को भी बदल दिया गया है। अब पंकज सेतिया की जगह राजीव प्रसाद को निगम के नए ज्वाइंट कमिश्नर का पद सौंपा है। साल के शुरुआत से अधिकारियों के तबादले के दौर से शहर की बुनियादी व्यवस्था अब इस तरह चरमराने लगी है कि पटरी पर लौटने में काफी वक्त लग सकता है। इस फेरबदल से अधिकतर पार्षद भी परेशानियों से जूझ रहे हैं और रेजिडेंट्स की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं।
सड़कें, स्ट्रीट लाइट्स, सीसीटीवी कैमरे, सड़कों पर घूमते बेसहारा पशु, स्ट्रीट डॉग्स और प्रॉपर्टी टैक्स के मामले में भी नगर निगम की स्थिति दिनोंदिन खराब हो रही है। लगातार होने वाले तबादलों से न केवल दफ्तर में फाइलें साइन नहीं हो पा रही हैं, बल्कि अधिकतर विकास कार्य लगभग ठपहैं। एक दिन पहले एके मीणा से पंचकूला नगर निगम के कमिश्नर पद का अतिरिक्त कार्यभार भी वापस ले लिया गया है। हाल ही में नगर निगम के करीब एक दर्जन पार्षदों ने विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए मेयर के नेतृत्व में आला अधिकारियों से मुलाकात की थी। इसके लिए एक हफ्ते में शुरुआत कराने का भरोसा दिया गया, लेकिन इसी दौरान कमिश्नर से यह कार्यभार वापस ले लिया गया।
निगम का विकास कार्यों से नाता कम
सेक्टर-15 निवासी एसके नैयर ने कहा कि बार बार अधिकारियों के तबादले से नए अधिकारियों के लिए काम शुरू करवाने में वक्त लगता है। जब तक कार्य शुरू करवाने की बारी आती है तबादला के आदेश आ जाते हैं। निगम का विकास कार्यों से नाता कम रह गया है और राजनीति हावी होने की वजह से परेशानियां बढ़ती जा रही हैं।
अधिकारियों के बदलने से कार्यों में देरी
सेक्टर-12 निवासी राकेश अग्रवाल ने कहा कि राजनीति के बीच सभी विकास कार्य रुके पड़े हैं। बार बार अधिकारियों के बदलने से कार्यों में देरी और बढ़ेगी। सड़क, पशुओं, स्ट्रीट लाइट्स, सफाई में भी दिक्कतें बनी हुई हैं। बस क्यू शेल्टर, पेड़ों की टहनियाें की छंटाई सहित अधिकतर काम नहीं हो रहे हैं।
बुनियादी व्यवस्था और भी खराब हो रही है
सेक्टर-16 के सुभाष पपनेजा ने बताया कि नगर निगम के अंदर चल रही राजनीति और बार बार अधिकारियों के बदले जाने से बुनियादी समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। निगम का दायरा काफी बड़ा है, जबकि कर्मियों की कमी के कारण सड़कों पर गड्ढे बढ़ने के साथ साथ बेसहारा पशुओं की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। एमडीसी निवासी सुभाष सचदेवा ने बताया जिन अधिकारियों के आदेश पर विकास कार्य संबंधी एस्टीमेट या टेंडर पास होते हैं, उनके तबादले से बुनियादी व्यवस्था और भी खराब हो रही है। बात चाहे सड़क की हो या कोई और, हर जगह मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।