सभी केंद्रों के ध्यानार्थ
ऐसा जीएसटी किसी भी देश में नहीं: सैलजा
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने मोदी सरकार पर बोला हमला
कहा- नोटबंदी की आड़ी में इंस्पेक्टर राज हुआ स्थापित
पंचकूला के सेक्टर पांच के इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में हुआ व्यापारी-दुकानदार सम्मेलन
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
राज्यसभा सांसद कुमारी सैलजा ने जीएसटी के मुद्दे पर मोदी सरकार पर हमला बोला है। सैलजा ने कहा कि नोटबंदी की आड़ में सरकार ने इंस्पेक्टर राज स्थापित कर दिया है। इस वजह से न केवल व्यापारी परेशान हैं, बल्कि छोटे दुकानदारों पर भी आर्थिक संकट मंडरा रहा है। दुनिया में ऐसा जीएसटी किसी भी देश में लागू नहीं है, जो हमारे देश में लागू किया गया है। इससे किसान और मजदूर भी मुश्किल में हैं। सैलजा रविवार को इंद्रधनुष ऑडोटोरियम में आयोजित व्यापारी-दुकानदार सम्मेलन को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि अब व्यापारी कारोबार नहीं करेगा, बल्कि कारोबार चलाने के लिए दस्तावेजी कार्रवाई में उलझा रहेगा। इसका असर कारोबार पर पड़ना लाजमी है। जीएसटी से जनता को राहत नहीं अपितु कठोर मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।
हमने सिर्फ 12 फीसदी टैक्स की व्यवस्था की थी
सैलजा ने कहा कि यूपीए सरकार के प्रस्तावित जीएसटी में देश में केवल 12 फीसदी टैक्स की व्यवस्था थी। जबकि 45 प्रतिशत वस्तुओं को टैक्स के दायरे से बाहर रखा गया था। वर्तमान के जीएसटी में 29 प्रतिशत वस्तुएं ही जीएसटी के दायरे से बाहर हैं। कांग्रेस के जीएसटी में विलास की वस्तुओं पर ज्यादा से ज्यादा 18 फीसदी टैक्स का प्रावधान था। लेकिन मोदी सरकार ने सात दरों वाले जीएसटी को लागू कर हर वर्ग की कमर तोड़ दी है।
नए प्रावधान से कारोबारी मुसीबत में
सैलजा ने कहा कि अंतरराज्यीय कारोबार में भी एक फीसदी जीएसटी के नए प्रावधान ने कारोबारियों की मुसीबत बढ़ा दी है। जबकि राज्य सरकारों को भी जीएसटी के अतिरिक्त टैक्स लगाने की छूट दी गई है। कांग्रेस के प्रस्तावित जीएसटी में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं थी। इस सरकार में कारोबारियों को मंडी के साथ सिनेमा की टिकटों पर टैक्स, गाड़ियों की आरसी पर टैक्स व एक जगह से दूसरी जगह पर आने जाने वाले सामान पर भी टैक्स देना होगा।
आजादी के बाद कभी नहीं लगा कपड़े पर टैक्स
कुमारी सैलजा ने कहा कि आजादी के बाद देश में कभी कपड़े पर टैक्स नहीं लगा। मगर मोदी सरकार ने कपड़े पर टैक्स लगाकर जनता की कमर तोड़ दी है। गरीबों के हाथों से बनने वाले धागे पर 18 फीसदी टैक्स लगाया गया है। जबकि मशीनी धागे पर कोई टैक्स नहीं है। वहीं मशीनी धागे के कपड़े पर केवल 5 फीसदी टैक्स है। ऐसे में बड़े मिल मालिकों को करोड़ों के हिसाब से फायदा पहुंचाया है। यहीं नहीं कफन में इस्तेमाल होने वाले कपड़े को भी टैक्स के दायरे में रखा गया है।
पेट्रोल-डीजल को बाहर रखा, क्योंकि इनकी कीमतें हो जातीं कम
सैलजा ने कहा कि जानबूझकर पेट्रोल व डीजल को जीएसटी के दायरे से बाहर रखा गया है। पेट्रोल की मौजूदा कीमत 63.46 रुपये प्रति लीटर है, जबकि उत्पादन का खर्च तेल कंपनियों की वेबसाइट पर दिए गए अनुमान के मुताबिक केवल 23.03 रुपये है। इसी तरह डीजल की कीमत 54 रुपये प्रति लीटर है। जबकि उत्पादन पर खर्च 23.86 रुपये है। इस तरह तेल पर टैक्स 30.30 रुपये है। इन पर जीएसटी लागू होता तो कीमतें कम हो जातीं।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
पूर्व विधायक रामकिशन गुज्र, राजपाल भूखड़ी, नरेश सेरवाल, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य प्रताप चौधरी, वरिष्ठ नेता राजबीर चौधरी, पूर्व उपप्रधान तरसेम गर्ग, सतीश तेजली, प्रो. राय सिंह, डॉ. अजय चौधरी, कुलदीप चितकारा, पूर्व प्रधान मुकेश मल्होत्रा, पूर्व पार्षद पवन मित्तल, पार्षद भावना गुप्ता, लिली बावा, महिला प्रधान जलमेघा दहिया, कमलेश लौहाट, पूर्व चेयरमैन राजेश कोना, हिम्मत सिंह, देवेंद्र चावला, हरीश शासन, शाम सुंदर बत्तरा व अन्य लोग उपस्थित थे।