मोहाली। पंजाब में बाढ़ से इस बार भीषण तबाही मची है। किसान संगठन नुकसान के मुआवजे की मांग कर रहे हैं। 22 अगस्त से चंडीगढ़ में स्थायी मोर्चा लगाने का एलान 16 किसान संगठन कर चुके हैं। वहीं, सरकार के आदेश के बाद पुलिस ने किसानों को विभिन्न स्थानों पर पकड़ लिया है। इसके अलावा जीरकपुर में चंडीगढ़ सीमा पर बैरिकेडिंग कर दी है। इस दौरान आने-जाने वाले वाहनों की जांच कर किसानों को उतारकर वहां रोका जा रहा है। वहीं, पुलिस के 1500 जवानों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैनात किया गया है।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कौमी इंसाफ मोर्चा के कारण पहले ही शहर में लोगों को काफी परेशानी हो रही है इसलिए प्रशासन नहीं चाहता है कि किसान फेज-8 स्थित गुरुद्वारा अंब साहिब पहुंचें और वहां से राजभवन के लिए कूच करें। इसके लिए पुलिस ने किसान नेताओं को नजरबंद कर दिया है। वहीं, कई जगह किसानों को हिरासत में लिया गया है। इसके बावजूद पुलिस को अभी शक है कि किसी तरह किसान मोहाली पहुंचकर रोष मार्च निकालते हुए राजभवन के लिए कूच न कर दें। इसके लिए पुलिस के आलाधिकारियों ने कई दौर की बैठकों के बाद रैपिड एक्शन फोर्स, अर्धसैनिक बल और पुलिस के 1500 जवानों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैनात किया है। इसके साथ ही डीएसपी स्तर के अफसरों की ड्यूटी भी लगाई है ताकि हालात बिगड़ने पर भी मौके के अनुसार तुरंत फैसला लेकर स्थिति को संभाल सकें।
सरकार किसानों के साथ कर रही धक्केशाही
किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के कुछ सदस्यों की नाम न छापने की शर्त पर कहा कि सरकार उनके साथ धक्केशाही कर रही है। वह बाढ़ से खराब हुई किसानों की फसलों का मुआवजा लेने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सरकार की ओर से उन्हें सीमाओं पर रोकना गलत है।