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कोरोना टीकाकरण : निजी अस्पतालों में बर्बाद हो रहा 15 प्रतिशत टीका, आईएमए करेगा अनुपात घटाने की मांग

Fri, 09 Apr 2021 10:12 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

  • इंडियन मेडिकल एसोसिएशन केंद्र सरकार को पत्र लिखने की तैयारी 
  • एक वायल से 10 की जगह केवल पांच डोज लगाने का प्रावधान करने की मांग 
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निजी अस्पतालों में बर्बाद हो रही वैक्सीन। - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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चंडीगढ़ में कोरोना टीकाकरण अभियान के तहत जिन निजी अस्पतालों में केंद्र बनाए गए हैं, वह टीके के नुकसान को लेकर काफी परेशान हैं। ऐसी स्थिति से बचाव के लिए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) निजी डॉक्टरों की तरफ से केंद्र सरकार से वैक्सीन के वायल से टीके के अनुपात में बदलाव करने के लिए अनुरोध करने की योजना बना रहा है। 

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इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष व वर्ल्ड मेडिकल एसोसिएशन के एडवाइजर डॉ. रमणीक सिंह बेदी ने बताया कि निजी अस्पतालों में टीके की बर्बादी का आंकड़ा 15 प्रतिशत तक जा पहुंचा है, जो तय मानक से दोगुना है। सरकारी अस्पतालों में वैक्सीन की बर्बादी का आंकड़ा महज 4.1 प्रतिशत है। 


आईएमए का कहना है कि जब तक वायल से टीका लगाने का अनुपात 10 से घटाकर पांच नहीं किया जाता तब तक इस पर काबू पाना संभव नहीं है। डॉ. रमणीक ने बताया कि इससे बचाव के लिए आईएमए केंद्र सरकार को पत्र लिखने वाला है ताकि वायल की मात्रा संशोधित कर इसके नुकसान को रोका जा सके। कोरोना टीकाकरण अभियान के अंतर्गत शहर में 55 जगहों पर केंद्र बनाए गए हैं। इसमें 35 सरकारी संस्थान व 20 निजी अस्पताल शामिल हैं। 

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एक वायल से 10 का टीकाकरण 

  • को-वैक्सिन के एक वायल में 10 लोगों को टीका लगाया जा सकता है
  • एक बार वायल खोल दी गई तो उसे चार घंटे के अंदर उपयोग करना जरूरी होता है, उसके बाद वैक्सीन खराब हो जाती है।

सरकारी अस्पतालों में कोरोना वैक्सीन का नुकसान मानक से अभी कम है। निजी अस्पतालों में इसकी संख्या थोड़ी ज्यादा है। जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शहर के 20 निजी अस्पतालों में टीकाकरण केंद्र बनाए गए हैं।  - डॉ. अमनदीप कंग, निदेशक स्वास्थ्य

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