अमर उजाला इंपैक्ट
डीसी ने कहा- दूर के गांवों में देंगे सड़क, शिक्षा, बिजली-पानी
अमर उजाला की खबर पर डीसी ने अधिकारियों से सड़कों पर मांगी सर्वे रिपोर्ट
2018 तक सभी गांवों और ढाणियों में पेजयल और शिक्षा मुहैया कराने की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
‘अमर उजाला’ की खबर के बाद जिले के ग्रामीण इलाकों में विकास में सड़क, शिक्षा, बिजली-पानी, रास्तों और सड़कों की मरम्मत पर प्रशासन ने संज्ञान लिया है। बता दें कि पिछले कई दिनों से अमर उजाला ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं से लेकर ग्रामीणों के अन्य मुद्दे प्रमुखता से उठा रहा है। इन्हीं सवालों पर संज्ञान लेते हुए शुक्रवार को डीसी ने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की।
डीसी गौरी पराशर जोशी की अध्यक्षता में हुई बैठक में गांव डखरोग, गवाही, दाबसू, दूधला सहित मोरनी और पिंजौर के दूर दराज के क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली-पानी सहित कच्चे रास्तों और सड़कों की मरम्मत के निर्देश दिए। डीसी गौरी पराशर जोशी ने लोगों को आ रही दिक्कतों के मद्देनजर वन विभाग के अधिकारियों को दूर दराज के इलाकों में कच्चे रास्तों के निर्माण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने इन गांवों के रास्तों का सर्वे कर दो हफ्ते में रिपोर्ट भेजने को कहा। ताकि सड़कें जल्द तैयार हो सकें। उन्होंने कहा कि 2018 तक सभी दूर दराज के गांवों और ढाणियों में पीने का पानी, स्कूल, बिजली उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जा रहा है। बैठक में एडीसी राजेश योगपाल, एसडीएम पंचकूला पंकज सेतिया, एसडीएम कालका रिचा राठी, उप जिला शिक्षा अधिकारी ईश्वर मान, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी, मोरनी से विशाल पराशर, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल निरोतम शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
पहाड़ों को काटकर इन इलाकों में बनाई जाएगी कच्ची सड़क
पिंजौर के गांव डखरोग से गवाही तक।
मंगनीवाला से रोड नं. 11 तक।
जबरोट से डखरोग तक।
मोरनी क्षेत्र के मेन रोड से गांव दाबसू तक।
दाबसू से दूधला तक।
दूधला से कमराडी तक।
गांवों और ढाणियों में शिक्षा के लिए जल्द तैयार करें योजना
डीसी ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से भी कहा कि दूर-दराज के क्षेत्रों में भी बच्चों की शिक्षा के लिए सुविधाएं मुहैया कराने पर विशेष ध्यान दिया जाए। ताकि कोई बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। हिमाचल से लगते गांवों व ढाणियों में बच्चों को स्कूली शिक्षा देने के लिए योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
आरोग्यम प्रोजेक्ट के जरिये घरों तक पहुंचेगी स्वास्थ्य सुविधा
डीसी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से इस क्षेत्र में लोगों को मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी हासिल की। साथ ही निर्देश दिए कि दूर-दराज के क्षेत्रों में अतिरिक्त स्वास्थ्य जांच कैंप के आयोजित करें। ताकि लोगों के घरों तक स्वास्थ्य सुविधा मुहैया की जा सके। अरोग्यम प्रोजेक्ट के तहत हर गांव एवं ढांणी तक बेहतर ढंग से स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के भी निर्देश दिए गए।
मोरनी की 110 ढाणियों को 31 जुलाई तक मिल जाएगी बिजली
जिन ढाणियों में अब तक बिजली नहीं पहुंची है, वहां बिजली की सुविधा कब तक मुहैया होगी। इस पर डीसी ने विभाग के अधिकारियों से भी सवाल किया। इस मौके पर यूएचबीवीएन के कार्यकारी अभियंता संजीव सिवाच ने बताया कि मोरनी की 110 ढाणियों में बिजली पहुंचाने का कार्य तीव्र गति से किया जा रहा है। अधिकांश भागों में बिजली के पोल लगाए जा चुके हैं। 31 जुलाई तक इन सभी ढाणियों में भी बिजली आपूर्ति हो जाएगी। डीसी ने अक्षय ऊर्जा विभाग के अधिकारियों से कहा कि दूर-दराज के क्षेत्र में जहां भी बिजली की कमी है, उन परिवारों को सोलर उपकरण मुहैया कराएं। ताकि कोई भी परिवार बिजली की रोशनी से वंचित न रहे।
पीने के पानी की भी कमी न रहे
डीसी ने जिन गांवों या ढाणियों में पीने के पानी की कमी है, वहां शिवालिक बोर्ड व प्रशासन के स्तर पर जल्द से जल्द कार्य योजना तैयार करने को कहा। साथ ही कहा कि अगले साल की गर्मियों से पहले सभी गांवों और ढाणियों में पीने के पानी की बेहतर सुविधा मुहैया कराने के लिए अभी से प्रयास शुरू कर दें।
रास्ते ठीक न होने से झेलते हैं परेशानी
गांवों में रास्ते ठीक न होने की वजह से लोगों को परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। बीमार मरीज हों या बच्चों को स्कूल तक जाने के लिए भी दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं। प्रशासन ने बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने की दिशा में पहल की है। ‘अमर उजाला’ की इस पहल पर प्रशासन की ओर से आगे कदम बढ़ाए जाने पर पंचायत के हजारों लोगों को राहत मिलेगी।
-चरणजीत सिंह, सरपंच, पंचायत डखरोग।
ट्यूबवेल पास हुआ लेकिन नहीं लगा
गांव दामसू और टिब्बी सहित आसपास के गांवों में पीने के पानी की भारी किल्लत है। जंगल से मिलने वाले चश्मे का पानी ही सहारा है। लेकिन गर्मियों में इसमें भी पानी कम आता है। एक ट्यूबवेल पास हुआ था, लेकिन अब तक नहीं लगा है। प्रशासन से मांग है कि जल्द से जल्द इन गांवों में भी पीने का पानी मुहैया कराने के लिए निर्देश दें। ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।
-राजिंदर कुमार, सरपंच, मल्लाह।