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पानी का पाइप लाइन भी हैं, लेकिन पब्लिक हेल्थ की लापरवाही के चलते गांव में पेयजल की संकट

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पत्तन गांव में खरीदना पड़ता है पीने का पानी
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- छह माह से पिंजौर ब्लॉक के पत्तन गांव में पानी की किल्लत
- पाइप लाइन तो है, लेकिन पब्लिक हेल्थ की लापरवाही से गांव में पेयजल संकट
- लोगों का आरोप, विभाग ने सिंचाई के लिए पाइपलाइन में लगवा रखे हैं नलके
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
नगर निगम के बाउंड्री से सटे पिंजौर ब्लॉक स्थित बक्सीवाला पंचायत के गांव पत्तन में पानी का पाइप लाइन है, पानी भी पर्याप्त है, लेकिन गांव के लोगों तक पेयजल पहुंच नहीं पाता है। गांव वालों का कहना है कि पानी की मेन सप्लाई लाइन में टिब्बी के 10 से 15 कनेक्शन पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों की शह पर जोड़ दिए गए हैं। इस कारण जनवरी 2017 से ही गांव वासी पेयजल की समस्या से जूझना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में गांव के लोगों को पीने के लिए पानी खरीदकर लाना पड़ता है। बता देें कि कस्बा पिंजौर का नजदीकी यह गांव मूलभूत सुविधाओं के लिए आजादी के 70 साल बाद आज भी तरस रहा है। सुबह नींद खुलने के साथ ही गांव के लोगों को सिर्फ एक ही चिंता सताती है, कि दिनचर्या शुरू करने के लिए पानी का टैंकर कैसे मंगवाया जाए।

पेयजल से ही सिंचाई करने लगते हैं कुछ लोग :
गांव के पंचायत सदस्य दविंदर सिंह ने बताया कि पिछले छह माह से गांव के लोग पेजयल की समस्या से जूझ रहे हैं। उन्होंने बताया कि गांव में पहले पानी की सप्लाई भौरिया से दी जाती थी, लेकिन पानी का लेवल कम होने पर पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों और गांव के सरपंच ने बेहतर पानी की सप्लाई का दावा कर टिब्बी से गांव के पानी का कनेक्शन जोड़ दिया और सप्लाई शुरू करवा दी, लेकिन कुछ दिनों बाद ही पानी की समस्या पहले से बढ़ गई। दविंदर का कहना है कि अब तो गांव में पानी आता ही नहीं है, क्योंकि जब पानी की सप्लाई दी जाती है तो वह पानी के लोग नलके खोलकर सिंचाई करने लगते हैं। ऐसे में टिब्बी से पत्तन तक पेयजल नहीं पहुंच पाता।
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गांव की सूखी नालियां हैं किल्लत की गवाह :
पत्तन गांव की सूखी नालियां, सूखे पड़े पानी के टैंक व मवेशियों के सूखे प्याऊ गांव में पानी की स्थिति को बयां कर रहे हैं। इनकी तस्वीरें कैमरे में कैद की गई हैं। जिसे देखकर लग रहा है कि यहां पिछले कई माह से लोगों ने प्रॉपर तरीके से पानी का इस्तेमाल नहीं किया है।

दो हजार आबादी कहां से लाएं : सरपंच
गांव के सरपंच हरदेव सिंह ने बताया कि टिब्बी में पब्लिक हेल्थ की ओर से लगाया गया पानी का ट्यूबवेल में पानी का स्तर करीब डेढ़ से पौने दो फिट है। जबकि पानी का स्तर करीब पौने तीन फिट होना चाहिए। सरपंच ने बताया कि दूसरे ट्यूबवेल की मांग की गई थी, लेकिन दो हजार की आबादी को लेकर मामला फंस गया है। अब गांव में दो हजार आबादी कहां से लाएं।

तीन सप्ताह में होगा समाधान : दमदमा
जिला परिषद के सदस्य भाग सिंह दमदमा ने बताया कि गांव के लोगों का पानी की समस्या का समाधान तीन सप्ताह के अंदर हो जाएगा। सरकार की ओर से पानी के पाइपलाइन की मंजूरी मिल गई है। गांव के आउटर से पानी का एक और पाइप लाइन डाला जाएगा। जिसका कनेक्शन ट्यूबवेल से सीधे गांव के लिए होगा। इससे बीच में रुकेगा नहीं और गांव के लोगों को पूरे दबाव से पानी मिलेगा।
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गांव को बसे 50 साल हो गया। यहां करीब 500 लोग रहते हैं, लेकिन फिर भी यहां पानी समस्या गहराई हुई है। इसका अंदाजा लोगों के घर के छत पर लगे पानी के टैंक और सूखी नालियों से लगा सकते हैं।
- मंगत सिंह, निवासी पत्तन।
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