चंडीगढ़ के क्षेत्रीय श्रम आयुक्त के निजी सचिव (पीए) संतराम का 18 वर्षीय बेटा गौतम 14 जनवरी 2016 को स्कूल जाने के लिए निकला था, लेकिन लौटकर घर नहीं आया। परिजन आज भी उसके लौटने की आस लगाकर बैठे हैं। गौतम का केस चंडीगढ़ का कोई पहला केस नहीं है। लापता लोगों की सूची काफी लंबी है। बीते तीन वर्षों में शहर के अलग-अलग हिस्सों से करीब 2510 लोग गायब हुए। इन मामलों में पुलिस ने कार्रवाई कर 1039 लोगों को ढूंढ निकाला लेकिन अब भी 1471 लोग अपनों से दूर हैं, जिनकी राह परिजन देख रहे हैं।
चंडीगढ़ पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2018 में 1013, साल 2019 में 779, वर्ष 2020 में 547 और 2021 में अब तक 171 लोग लापता हुए हैं। इन लापता लोगों में ज्यादातर बच्चे, पुरुष, युवतियां और स्कूली छात्र शामिल हैं। आंकड़ों के अनुसार, लोगों के लापता होने के सबसे ज्यादा मामले कालोनियों से सामने आए हैं। यह तो सिर्फ वो मामले हैं, जिनमें पुलिस ने डीडीआर दर्ज की है, जबकि कई केसों में मुकदमा भी दर्ज किया गया है।
कई बार खुद लौट आते हैं घर
बीते 10 मार्च को सेक्टर-20 निवासी सातवीं और आठवीं की दो छात्राएं घर से टहलने निकलीं और लापता हो गईं। मामले में सेक्टर-19 थाना पुलिस ने गुमशुदगी के तहत मामला भी दर्ज किया, लेकिन अगले 16 घंटे में दोनों सही सलामत घर लौट आईं। पूछने पर पता चला कि दोनों श्रीगंगानगर में अपनी सहेली से मिलने गई थीं। कई मामलों में देखा गया है कि लापता होने वाले खुद घर लौट आते हैं।
‘ऑपरेशन मुस्कान’ ने 55 बच्चों को तलाशा
लापता बच्चों का तलाशने के लिए चंडीगढ़ पुलिस की तरफ से चलाए गए ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के जरिए अब तक 55 बच्चों को तलाशकर परिजनों को सौंपा है जबकि 38 मामले ऐसे हैं, जिनमें पुलिस टीम बच्चों की तलाश कर रही है।
एक दिन जरूर मिलेगा गौतम : संतराम
क्षेत्रीय श्रम आयुक्त के निजी सचिव संतराम सेक्टर-7 में रहते हैं। उनकी दो बेटियां और दो बेटे हैं। संतराम ने बताया कि बड़ा बेटा गौतम 2016 में बारहवीं में पढ़ रहा था। 14 जनवरी 2016 को वह घर से यह कहकर निकला कि स्कूल में फीस जमा करवाने जा रहा है लेकिन घर नहीं लौटा। उसकी तलाश में जगह जगह पोस्टर चस्पा करने के अलावा, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में उसकी तलाश की लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। आज भी उम्मीद है कि गौतम एक दिन जरूर लौट आएगा।
दोस्त के पास गया था समीर, लौटकर नहीं आया
मनीमाजरा निवासी नसीम ने बताया कि उनका 12 वर्षीय भतीजा समीर 21 मई 2020 को घर में यह कहकर निकला कि वह दोस्त के पास अंगूठी लेने जा रहा है। घंटों इंतजार के बाद भी वह वापस नहीं आया। उसकी तलाश में दिन-रात एक कर दिया। पुलिस भी अपने स्तर पर उसे तलाशती रही लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इसके अलावा सोशल मीडिया के अलग अलग प्लेटफार्म पर समीर की फोटो वायरल की गई। सिर्फ इस उम्मीद से उनका भतीजा एक दिन उन्हें मिल जाएगा।
कब-कब लापता हुए
- 25 फरवरी को मौलीजागरां थाने के अंतर्गत किशोरी लापता
- सेक्टर-31 थाने के अंतर्गत से दो भाई समेत तीन नाबालिग दोस्त लापता
- 23 फरवरी को सेक्टर-39 थाने के अंतर्गत 14 वर्षीय किशोरी लापता
- 5 दिसंबर 2020 को सेक्टर-47 पार्क से 3 साल बच्चा लापता
- 28 सितंबर 2020 को रामदरबार से 16-16 साल के दो किशोर लापता
- 29 सितंबर को सेक्टर-25 से 14 साल का किशोर लापता
- 16 सितंबर 2020 को सेक्टर-52 से 16 किशोरी लापता
- 13 जुलाई 2020 को सेक्टर-36 थाने के अंतर्गत 15 साल की किशोरी लापता
साल मामला मिले लापता
2018 1013 403 610
2019 779 338 441
2020 547 254 293
2021 171 44 127
लापता लोगों को तलाशना पुलिस की पहली प्राथमिकता रहती है। कई लापता लोगों को तलाशकर परिजनों को सौंपा भी गया है। वहीं, ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत भी बच्चों को तलाशा जा रहा है। - चरणजीत सिंह विर्क, डीएसपी, चंडीगढ़ पुलिस