दिल्ली के कनॉट प्लेस से जासूसी के आरोप में गिरफ्तार पाकिस्तानी दूतावास के दो अधिकारियों को देश से निकालने के बाद भारत सरकार ने इस्लामाबाद स्थित भारतीय दूतावास और दिल्ली स्थित पाकिस्तानी दूतावास में 50 फीसदी स्टाफ कम करने की घोषणा की थी। इसके बाद मंगलवार को पाकिस्तानी दूतावास में काम करने वाले 143 पाकिस्तानी कर्मचारी अपने परिवार के साथ अटारी सड़क सीमा के रास्ते वतन लौट गए।
पाकिस्तानी दूतावास के कर्मचारी विशेष टैंपो गाड़ियों में बैठकर अटारी सड़क सीमा पर पहुंचे। दिल्ली से काफिले में आई गाड़ियों में बैठे दूतावास के कर्मचारियों और उनके परिजनों के दस्तावेजों की गहन जांच की गई। अटारी सड़क सीमा पर सीमा शुल्क विभाग ने इनके सामान की जांच की। पाकिस्तान रवाना करने से पहले इन सभी की स्क्रीनिंग की गई।
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विदेश मंत्रालय ने वतन लौट रहे पाकिस्तानियों की एक सूची पहले ही प्रशासन को भेज दी थी। सीमा पर तैनात सुरक्षा एजेंसी के अधिकारियों ने इस सूची के आधार पर पाकिस्तानियों की जांच की। अटारी सीमा पर स्थित पुलिस चौकी के इंचार्ज अरुण पाल ने बताया की पाकिस्तान जाने वाले सभी लोगों को जांच के बाद ही वतन भेजा गया। इन पाकिस्तानियों के स्वागत के लिए पाकिस्तानी रेंजर अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।
वहीं, इस्लामाबाद स्थित भारतीय दूतावास के 38 कर्मचारी अपने परिवार के साथ पाकिस्तान से वतन लौट आए। पाकिस्तान वाघा सीमा में इन दूतावास कर्मचारियों और पारिवारिक सदस्यों की गहन जांच की गई। लाहौर में इनकी स्क्रीनिंग भी की गई। वतन लौटने के बाद इन सभी कर्मचारियों को कड़ी सुरक्षा में दिल्ली रवाना कर दिया गया। आईसीपी में सभी की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। अधिकारियों ने दोनों देशों के दूतावास कर्मचारियों को मीडिया से दूर रखा। मेडिकल टीम ने टेंपो के ड्राइवरों की भी स्क्रीनिंग की गई। दोनों देशों ने दूतावास कर्मचारियों और उनके परिजनों के लिए एंट्री गेट सुबह दस बजे ही खोल दिए थे।