चंडीगढ़ में कोरोना तेजी से फैल रहा है। 18 मार्च से पहले शहर में एक भी कंटेनमेंट जोन नहीं था लेकिन अब इनकी संख्या 25 हो गई है। बुधवार को यूटी प्रशासन ने 14 नए कंटेनमेंट जोन की घोषणा की। इन इलाकों में अनिवार्य सेवाओं में लगे लोगों को छोड़कर किसी अन्य के आने-जाने पर रोक रहेगी।
डीसी मनदीप सिंह बराड़ की तरफ से जारी आदेश के अनुसार, सेक्टर-11 में मकान नंबर-245 से 247, सेक्टर-15 में 56 और 57, सेक्टर-20 में 225 से 228 और 542, 543, सेक्टर-21 में 2113 से 2116, सेक्टर-22 में 1681 और 1682, सेक्टर-23 में 260 से 262, सेक्टर-27 में 3169 से 3180, सेक्टर-30 में 268 से 272, सेक्टर-30 (आरबीआई कालोनी) में 694 से 697बी, सेक्टर-38बी में 1505 और 1506, सेक्टर-41ए में 526 से 527/2, सेक्टर-63 में 2009ए से 2012सी और धनास के मकान नंबर-510, 511 को कंटेनमेंट जोन घोषित किया है। यहां लोगों की स्क्रीनिंग की जाएगी।
जारी आदेश में कहा गया है कि केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार ही शहर में कंटेनमेंट जोन घोषित किए जा रहे हैं। गौरतलब है कि प्रशासन द्वारा ये कंटेनमेंट जोन केंद्र सरकार की सख्ती के बाद घोषित किए जा रहे हैं। बीते दिनों केंद्र ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हुई एक बैठक में पूछा था कि चंडीगढ़ में लगातार कोरोना के केस बढ़ रहे हैं लेकिन शहर में कंटेनमेंट जोन नहीं बनाए जा रहे। यह लापरवाही है, क्योंकि अगर कोई केस आता है तो उसके संपर्क में आने वाले लोगों की पहचान जरूरी है। संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए कंटेनमेंट जोन जरूरी है।
सुखना लेक पर नहीं मनेगी होली
कोरोना के चलते चंडीगढ़ में होली के रंग में भी भंग पड़ता दिख रहा है। यूटी प्रशासक वीपी सिंह बदनौर होली का त्योहार घर में मनाने के निर्देश जारी कर चुके हैं। इस बीच हर साल होली पर सुखना लेक पर जुटने वाली भीड़ को रोकने के लिए प्रशासन होली के दिन सुखना लेक को बंद करने की तैयारी कर रहा है। यूटी प्रशासक के सलाहकार ने कहा कि इस बारे में बैठक कर फैसला लिया जा चुका है, अगले कुछ दिनों में प्रशासक की ओर से आदेश जारी कर दिया जाएगा।
आंगनबाड़ी केंद्र 31 मार्च तक बंद
स्कूल-कॉलेजों के बाद यूटी प्रशासन ने शहर में चल रहे सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को भी तुरंत प्रभाव से 31 मार्च तक बंद करने का फैसला किया है। हालांकि, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायकों को विभिन्न गतिविधियों के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर अगले आदेश तक आना होगा। यह आदेश यूटी प्रशासन के समाज कल्याण विभाग के सचिव व महिला बाल विकास विभाग की ओर से जारी किए गए हैं।